मुख्य आरोपी ने दो दिन की रिमांड में कबूला गुनाह डीएनए जांच से होगी पुष्टि बालाघाट (ईएमएस). भरवेली थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग की आत्महत्या के मामले ने अब नया मोड सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि किशोरी के साथ शारीरिक शोषण के बाद उसे सुनसान में छोड़ दिया गया, जिसके सदमे में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। मुख्य आरोपी अजीत बाहेश्वर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत बाहेश्वर को गिरफ्तार कर लिया है। दो दिन की पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी ने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात स्वीकार की है। 7 मई को रिमांड समाप्त होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी की पहचान नाबालिग से महज दो सप्ताह पहले हुई थी। यह संपर्क उसके दोस्त लवकुश कोहरे की महिला मित्र के माध्यम से बना, जो नाबालिग की सहेली थी। नाबालिग ने फंदा लगाकर की थी आत्महत्या पुलिस के अनुसार, घटना की रात आरोपी अजीत ने अपने साथी लवकुश कोहरे के मोबाइल से नाबालिग को फोन कर मिलने बुलाया। 27-28 अप्रैल की दरमियानी रात किशोरी कुछ युवकों के साथ मोटरसाइकिल पर गई थी। देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद उसे बीच रास्ते में ही छोड़ दिया गया। अकेले और मानसिक रूप से टूट चुकी नाबालिग ने घर के पास ही रेलिंग में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पहले आत्महत्या, अब खुला शोषण का एंगल शुरुआत में पुलिस इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मान रही थी। लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज में नाबालिग को युवकों के साथ जाते हुए देखा गया, तो मामला संदिग्ध हो गया। मामले ने तब तूल पकड़ा जब समाज के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग तेज हुई। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पहले लवकुश कोहरे को गिरफ्तार किया गया और अब मुख्य आरोपी अजीत बाहेश्वर को भी पकड़ लिया गया है। भानेश साकुरे / 07 मई 2026