बीजिंग (ईएमएस)। चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से बीजिंग से यह अपेक्षा की जा रही थी कि वह ईरान पर दबाव बनाकर समुद्री मार्ग को सामान्य कराने में भूमिका निभाए, लेकिन चीन ने किसी भी अमेरिकी नेतृत्व वाले दबाव अभियान का हिस्सा बनने के संकेत नहीं दिए। चीन के विदेश मंत्रालय के हालिया बयान में कहा गया कि क्षेत्र में तनाव कम करने का सबसे प्रभावी रास्ता “तत्काल और व्यापक युद्धविराम” है। बीजिंग ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और वैध हितों का सम्मान किया जाना चाहिए, साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। हालांकि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि चीन ने अमेरिकी आग्रह को सीधे ठुकराते हुए ईरान के तर्क का समर्थन किया, उपलब्ध आधिकारिक बयानों में चीन ने एकतरफा रूप से किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाय युद्धविराम, संवाद और सुरक्षित नौवहन पर जोर दिया है। चीन ने यह भी कहा कि होर्मुज में सामान्य और सुरक्षित जहाजरानी जल्द बहाल होना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा चिंता है। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से चीन से ईरान पर प्रभाव इस्तेमाल करने की अपील की थी। समानांतर रूप से चीनी विदेश मंत्री ने तेहरान के साथ बातचीत में संघर्ष न बढ़ाने और जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल करने की आवश्यकता दोहराई। तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर इस संकट का असर बना हुआ है, इसलिए चीन की यह कूटनीतिक स्थिति आने वाले दिनों में वैश्विक शक्ति संतुलन का अहम हिस्सा बन सकती है। सुबोध/०७-०५-२०२६