* ड्रग्स जैसे पैकेट और पाकिस्तानी बोट मिलने के बाद कच्छ के संवेदनशील तटीय इलाकों में सघन चेकिंग अभियान कच्छ (ईएमएस)| कच्छ के समुद्री तट और क्रीक क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से सामने आ रही संदिग्ध घटनाओं के बाद पूरा सुरक्षा तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। समुद्र से लावारिस हालत में मिले ड्रग्स जैसे संदिग्ध पैकेटों और बाद में मिली पाकिस्तानी बोट को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही हैं। हालांकि शुरुआती जांच में बोट से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कच्छ के समुद्री सुरक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने की जरूरत को उजागर कर दिया है। राज्य की समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कच्छ के संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। नायब पुलिस अधीक्षक और मरीन सेक्टर लीडर कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आतंकवादी गतिविधियों, ड्रग्स तस्करी, दाणचोरी और संदिग्ध हलचलों पर नजर रखने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस अभियान के तहत मरीन पुलिस, मरीन कमांडो और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने तटीय इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। कच्छ जिले के लालछता से लेकर कालापानी क्षेत्र तक करीब पांच किलोमीटर से अधिक इलाके में फुट पेट्रोलिंग की गई। इस दौरान सुनसान समुद्री किनारों, परित्यक्त स्थानों, संदिग्ध नौकाओं और अज्ञात वाहनों की गहन जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने समुद्री मार्गों से होने वाली गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तकनीकी सर्विलांस के साथ मानव बल का भी व्यापक इस्तेमाल किया। मरीन कमांडो की अलग-अलग टीमों ने संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में पहुंचकर हर संदिग्ध गतिविधि और वस्तु पर पैनी नजर रखी। विशेष रूप से ड्रोन के जरिए होने वाली गतिविधियों, तस्करी और नशीले पदार्थों की हेराफेरी रोकने के लिए व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने मछुआरों और स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का अनुरोध किया गया है। कच्छ का विस्तृत समुद्री तट और सीमावर्ती क्षेत्र देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। हालिया घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब पहले से ज्यादा चौकन्नी हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में भी तटीय पेट्रोलिंग और निगरानी अभियान को और सख्त किया जाएगा। सतीश/08 मई