चेन्नई (ईएमएस)। तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर रोमांच और सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे विजय के नेतृत्व वाले दल को लेकर जहां सरकार बनने की चर्चा तेज थी, वहीं अब राजभवन से सामने आई जानकारी ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं। सूत्रों के अनुसार विजय शुक्रवार शाम राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थन में विधायकों की संख्या और सहयोगी दलों के समर्थन से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे। हालांकि अब राजभवन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विजय के पास फिलहाल सरकार गठन के लिए जरूरी बहुमत उपलब्ध नहीं है। बताया जा रहा है कि विजय ने राज्यपाल के 116 विधायकों के समर्थन का दावा किया, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। यानी बहुमत के आंकड़े से विजय अभी दो विधायक पीछे हैं। सूत्रों के मुताबिक विजय द्वारा सौंपे गए समर्थन पत्रों में दो सहयोगी दलों के समर्थन पत्र शामिल नहीं पाए गए हैं। इन दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं। ऐसे में यदि इन दलों का औपचारिक समर्थन मिलता है तो विजय आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सकते हैं। तमिलनाडु की राजनीति में अब सबकी निगाहें राजभवन और सहयोगी दलों के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या विजय बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर पाएंगे या राज्य की राजनीति में कोई नया मोड़ देखने को मिलेगा। सुबोध/०८-०५-२०२६