राज्य
08-May-2026


:: प्रदेश में 9 लाख से ज्यादा किसानों से हुई रिकॉर्ड खरीदी, केंद्रों पर बढ़ी सुविधाएं और तौल का समय :: इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सतत मॉनीटरिंग और सुव्यवस्थित प्रबंधन का सकारात्मक असर गेहूं उपार्जन प्रक्रिया पर दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अब तक 9 लाख 38 हजार किसानों से 56 लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। खास बात यह है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ किया जा रहा है। अब तक राज्य के अन्नदाताओं के खातों में 10403.17 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है। वहीं, देयक जारी करने की समय-सीमा भी रात 12 बजे तक तय की गई है। उपार्जन केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने और तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। साथ ही, एनआईसी सर्वर की क्षमता में भी वृद्धि की गई है ताकि ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई तकनीकी बाधा न आए। :: 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा दाम :: प्रदेश सरकार किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और उस पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपये की दर से गेहूं खरीद रही है। केंद्रों पर छाया, ठंडा पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। ग्राम रामकोट के किसान रामचरण अन्ना और मानपुरा के गोपाल सिंह ने बताया कि केंद्रों पर व्यवस्थाएं इतनी बेहतर हैं कि मात्र 10 मिनट में ट्रॉली खाली हो रही है और पानी-छाया के पुख्ता इंतजाम हैं। :: 23 मई तक चलेगी खरीदी :: खाद्य विभाग प्रति घंटा उपार्जन की मॉनीटरिंग कर रहा है। बारदाने, सिलाई मशीन और गुणवत्ता परीक्षण उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बारिश या अन्य कारणों से अनाज खराब न हो। गौरतलब है कि गेहूं उपार्जन का यह अभियान आगामी 23 मई तक जारी रहेगा। प्रकाश/08 मई 2026