कालाहांडी (ईएमएस)। कालाहांडी जिले से सामने आई एक दर्दनाक तस्वीर ने एक बार फिर ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के मालपाड़ा गांव में सड़क न होने की वजह से प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में गांव वालों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए महिला को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल तक पहुंचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। एंबुलेंस गांव के बाहर तक तो पहुंची, लेकिन कच्चे, दलदली और फिसलन भरे रास्ते के कारण चालक आगे जाने का जोखिम नहीं उठा सका। स्थिति गंभीर होती देख गांव के पुरुष, महिलाएं और बुजुर्ग एक साथ मदद के लिए आगे आए। बांस, रस्सी और चारपाई की मदद से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया गया और गर्भवती महिला को उस पर लिटाकर कई किलोमीटर तक पैदल ले जाया गया। रास्ते भर महिला दर्द से कराहती रही और हर कदम पर उसकी और गर्भस्थ शिशु की जान जोखिम में बनी रही। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी गांव से ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी, लेकिन प्रशासनिक दावों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भयावह हो जाती है, जब गांव का संपर्क लगभग पूरी तरह कट जाता है। गांव वालों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को समस्या की पूरी जानकारी है, इसके बावजूद सड़क निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विकास केवल भाषणों और कागजों तक सीमित है, जबकि गांवों में जिंदगी आज भी चारपाई के सहारे चल रही है। सुबोध/०८-०५-२०२६