मेरठ (ईएमएस)। रविवार को संयुक्त गुर्जर परिसंघ मेरठ द्वारा क्रांति दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर शहीदों को नमन किया गया। 10 मई, क्रांति दिवस के महानायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर के पुनीत स्मरण में यह भव्य गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम पर्श्चिमी उत्तर प्रदेश के कोने कोने से सभी समाजों के गणमान्य जनों की उपस्थिति से सुभारती विश्वविधालय का मांगल्य सभागार ठसाठस भरा रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के प्रबुद्ध विद्वान आर्य वीर वीरेंद्र जी ने की। मंच गैर राजनीतिक समाज के प्रतिष्ठित लोगों से सुशोभित रहा। सभी की सहभागिता रही। 1857 की जंग मेरठ परिक्षेत्र के हर जाति, धर्म और समुदाय के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर लडी थी। सभी की साझी शहादत स्मरणीय है। इस जन क्रांति की अगुवाई की थी कोतवाल धन सिंह गुर्जर ने। यह हमारे आत्म गौरव को बढ़ाने वाला ऐसा नाम है जो हमारी नस्लों को युगों युगों तक देश सेवा के लिए समर्पण और बलिदान की प्रेरणा के साथ-साथ नेरतत्त्व की क्षमता विकास में अग्रणी रहने की नव ऊर्जा का संचार करता रहेगा। क्रांति दिवस पर शहीदों को नमन करने उमड़े जन सैलाब ने क्रांति धरा मेरठ पर हजारों की संख्या में सहभागिता कर जिस अनुशासन और संयम के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। वह अदभुत रहा। कार्यक्रम में *कोतवाल धनसिंह गुर्जर* जी के लिए भारत सरकार से जन क्रांति के महानायक धन सिंह गुर्जर के लिए *भारत रत्न* की मांग रखी गई। जो इस क्षेत्र के सम्मान के लिए बड़ा कदम होगा और देश की आजादी में अपनी कुर्बानियों से समाज को देश सेवा में रत रखने के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगा। शहीदों को नमन के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में पुरे पश्चिमी क्षेत्र से जिलेवार सभी सम्मानित समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य व्यक्तियों ने समाज के उत्थान और विकास में सामाजिक राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और कुरीतियों के खिलाफ मंच से प्रस्तावों को रखा। जिन पर जन समर्थन के आधार पर मुहर लगाई और समाज से कड़ाई के साथ कुप्रथाओ का पालन करने का आग्रह किया। भविष्य में भी समाज के विकास का एजेंडा सर्व सम्मति से तैयार किया जायेगा। कार्यक्रम में समाज के चिंतनशील लोगों ने जिस बात को प्रमुखता से उठाया उसमें गुर्जर समाज की राजनीतिक उपेक्षा का मुद्दा अहम रहा। इस क्रांति दिवस पर राष्ट्र के निर्माण और देश की आजादी में गुर्जरों के योगदान की संघर्ष गाथा सत्ताधारियों को सुनाने के लिए एक विशाल जन सभा का आयोजन करना अहम उद्देश्य था। समाज ने इस पर बहुत निराशा जताई और चिंतन करते हुए अपने राजनीतिक प्रतिनिधत्त्व को बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाने की तौयारी के लिए शीघ्र ही विशाल रैली आयोजन की तैयारी की घोषणा की। देश की आजादी के लिए क्रांति का बिगुल बजाने वाले महानायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर के लिए भारत रत्न दे सरकार, उसकी बहादुर कौम के लिए *गुर्जर रेजिमेंट* की घोषणा करे सरकार। गुर्जर समाज के राष्ट्र निर्माण में त्याग और बलिदान को ध्यान मे रखते हुए उनकी जनसंख्या के अनुपात में उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे। यह मांग और आग्रह से अधिक हमारे बलिदानी समाज का अधिकार है। इस पर देश और प्रदेश की सरकारे गंभीरता से विचार करे। साथ ही समुदाय के नेताओं ने समस्त गुर्जर समाज से आह्वाहन किया कि अपने हक अधिकारों के लिए संघर्ष करो, तुम्हारे गौरवपूर्ण इतिहास की लंबी विरासत तुम्हारे साथ है। इस देश को बनाने में हमारे पुरखों ने अनगिनत कुर्बानियां दी है। इस थाती को सजोंकर रखिये और देश को आगे बढ़ाने में स्वयं को समर्पित रखिये। कार्यक्रम के अंत में कोतवाल धनसिंह गुर्जर के गांव से प्रमुख भोपाल सिंह जी ने सभी अथितियों और आनन्तुकों का आभार व्यक्त किया। - ईएमएस / 10 मई 26