आरएसएस प्रांत प्रचारक का सामाजिक समरसता पर जोर रांची (ईएमएस)। बड़ा तालाब स्थित चिन्मय मिशन आश्रम में आयोजित मातृशक्ति प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित करते हुए आरएसएस के झारखंड प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा ने सामाजिक समरसता और एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान वनवासी समाज को गले लगाकर प्रेम और समानता का संदेश दिया था, वहीं माता सीता ने भी महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में शरण लेकर सामाजिक भेदभाव को नकारा था। शर्मा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि मुगल काल में कई लोगों ने कठिन परिस्थितियां झेलीं, लेकिन अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत की बुराई पर प्रहार करते हुए कहा कि जिस समाज के ऋषियों और मुनियों ने हमें ज्ञान दिया, आज उन्हीं के वर्गों से दूरी बनाना अनुचित है, जिसे समाप्त करना अनिवार्य है। गोपाल शर्मा ने हिंदू समाज की एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि विवाह, यज्ञोपवीत और अन्य संस्कारों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित रहती है, इसलिए सभी हिंदू एक हैं का भाव केवल शब्दों में नहीं बल्कि व्यवहार में भी दिखना चाहिए। उन्होंने पंच परिवर्तन की संकल्पना को साझा करते हुए कहा कि इसे अपनाकर ही परिवार और राष्ट्र की उन्नति संभव है। गिरते पारिवारिक मूल्यों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज संयुक्त परिवार टूट रहे हैं और एकल परिवारों में भी संवाद की कमी के कारण बच्चे अपनों से दूर हो रहे हैं। इस पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है।सामाजिक उत्तरदायित्वों के साथ-साथ उन्होंने पर्यावरण और स्वदेशी के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग को वैश्विक जरूरत बताया। साथ ही, परिवारों में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। कार्यक्रम में विकास भारती की उपाध्यक्ष डॉ. रंजना कुमारी, स्वामी परिपूर्णानंद और महानगर संघचालक पवन मंत्री समेत कई गणमान्य लोग और महिलाएं उपस्थित रहीं। रामयश/ईएमएस 11 मई 2026