काशी विश्वनाथ धाम में गूंजा सोमनाथ का संकल्प - मुख्यमंत्री बोले—सभ्यता के दो अखंड ज्योति स्तंभ हैं काशी और सोमनाथ वाराणसी (ईएमएस)। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ संकल्प महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि सनातन केवल मंदिरों की दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की अंतरात्मा और चेतना में रचा-बसा है। मुख्यमंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ और सोमनाथ को भारतीय सभ्यता के दो ऐसे अखंड ज्योति स्तंभ बताया, जिनमें भारत की गौरवगाथा समाहित है। उन्होंने विरोधियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग सनातन को मिटाने का सपना देखते थे, वे खुद इतिहास के पन्नों में दफन हो गए। आज उन आक्रांताओं का नाम लेने वाला कोई नहीं बचा है, जबकि सनातन संस्कृति अडिग खड़ी है। इस भव्य महोत्सव का शुभारंभ जनसमूह द्वारा ॐ जप, शंख ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। सोमनाथ भवन में विद्यार्थियों द्वारा निर्मित एक भव्य पार्थिव शिवलिंग स्थापित किया गया, जो सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के स्वरूप का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने स्वयं सोमनाथ संकल्प का वाचन किया, जिसे वहां उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं और अतिथियों ने दोहराया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनका सीधा प्रसारण सोमनाथ ज्योतिर्लिंग परिसर में भी किया गया। इस अवसर पर योगी मंत्रिमंडल के सदस्य अनिल राजभर, डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु और विधायक सौरभ श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। यह आयोजन काशी और सोमनाथ के अटूट आध्यात्मिक संबंध को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रामयश/ईएमएस 11 मई 2026