वाराणसी,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित सोमनाथ संकल्प महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और ऐतिहासिक आक्रांताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा कि सनातन को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद इतिहास के पन्नों से मिट चुके हैं, जबकि भारत की सनातन चेतना आज भी अक्षुण्ण है। सीएम योगी ने मोहम्मद गौरी से लेकर मुगल शासकों तक का जिक्र कर कहा कि इन विदेशी आक्रांताओं ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने का प्रयास किया। औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर गुलामी का प्रतीक खड़ा किया, लेकिन वे भारत की आत्मा और सनातन की चेतना को कभी समाप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि सनातन केवल मंदिरों की दीवारों तक सीमित नहीं, बल्कि यह भारत की रग-रग में बसा है। मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना साकार हो रही है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठापन और सुंदरीकरण से लेकर काशी विश्वनाथ धाम, उज्जैन के महाकाल महालोक और अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण तक, देश के प्रमुख तीर्थस्थल अपने प्राचीन वैभव के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। इन सभी कार्यों के पीछे प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा शक्ति है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश की जनता उनकी आभारी है। बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधकर सीएम योगी ने कहा कि दुर्भाग्यवश, आज भी कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो भारत के आत्मगौरव और सांस्कृतिक प्रतीकों के उत्थान को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। यही वे तत्व थे जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में लगातार बाधाएं खड़ी करने का प्रयास किया। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम स्थल त्रयंबकेश्वर सभागार में छात्राओं ने शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार से अतिथियों का भव्य स्वागत किया। आशीष दुबे / 11 मई 2026