ठाणे, (ईएमएस)। आगामी मानसून के दौरान ठाणे जिले में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपदा से बचाव के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में ठाणे जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने सभी सरकारी विभागों को सतर्क रहते हुए आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह मजबूत और सक्रिय होना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। जिलाधिकारी कार्यालय एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, ठाणे द्वारा आयोजित “मानसून पूर्व तैयारी समीक्षा बैठक 2026” में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, अपर जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटील, निवासी उपजिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संदीप माने सहित कई अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिलाधिकारी डॉ. पांचाल ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग मानसून शुरू होने से पहले जिले के सभी पुराने और खतरनाक पुलों, साकव तथा जर्जर इमारतों का ऑडिट करे। वहीं जलसंपदा विभाग को सभी बांधों का निरीक्षण कर तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रमुख घाट क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलेन मशीन और डंपर जैसी आवश्यक मशीनरी की स्थायी व्यवस्था रखी जाए ताकि आपात स्थिति में सड़कें तुरंत साफ की जा सकें। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था की कार्यक्षमता जांचने के लिए अग्निशमन विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक तहसील स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही बारिश के मौसम में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों का भंडार और मेडिकल टीम तैयार रखने को कहा गया। डॉ. पांचाल ने स्पष्ट किया कि आपदा राहत और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरण एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिला नियोजन समिति निधि से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जिले के भूस्खलन संभावित गांवों, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, नदियों से गाद निकालने के कार्य, औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था और खोज एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता की भी विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान निवासी उपजिलाधिकारी डॉ. संदीप माने ने कंप्यूटर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिला आपदा प्रबंधन योजना की जानकारी दी। साथ ही सभी उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने स्तर पर तत्काल नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए गए। संतोष झा- ११ मई/२०२६/ईएमएस