जबलपुर और मुंबई के अस्पतालों में होगा निशुल्क उपचार बालाघाट (ईएमएस). जिले में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल ने कई परिवारों के चेहरों पर उम्मीद की मुस्कान लौटा दी है। हृदय रोग से पीडि़त 15 बच्चों के बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों के तहत बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जबलपुर और मुंबई भेजा गया। यह पूरी कार्यवाही कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने बताया कि 2 मई को बैहर और 8 मई को जिला चिकित्सालय बालाघाट स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में विशेष हृदय रोग शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों की जांच की गई, जिसमें 34 बच्चों को सर्जरी एवं विशेष उपचार के लिए चिन्हित किया गया। सोमवार को14 बच्चों को उपचार एवं सर्जरी के लिए जबलपुर भेजा गया, जबकि एक गंभीर रूप से पीडि़त बच्चे को उन्नत उपचार हेतु नारायण हृदयालय मुंबई रेफर किया गया। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इन बच्चों का उपचार पूरी तरह निशुल्क कराया जाएगा। 15 बच्चों में से 10 बच्चों का इलाज आयुष्मान योजना के अंतर्गत होगा, जबकि शेष 5 बच्चों का उपचार मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत कराया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। सीएस डॉ. निलय जैन ने बताया कि सभी बच्चों और उनके परिजनों को सुबह 10 बजे डीईआईसी केंद्र में बुलाया गया, जहां उन्हें स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए तथा उपचार संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। इस दौरान जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती सहित डीईआईसी का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा। अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों एवं उनके परिजनों का उत्साहवर्धन करते हुए भरोसा दिलाया कि इलाज के दौरान हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भानेश साकुरे / 11 मई 2026