चेन्नई (ईएमएस)। तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के भीतर नेतृत्व को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है। पार्टी में एक और बड़ी टूट की आशंका जताई जा रही है, जिससे राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार पार्टी के करीब 30 विधायकों ने कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर एस पी वेलुमणि को विधायक दल का नेता मान्यता देने की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह समूह वरिष्ठ नेता सी वी शणमुगम के समर्थन में खड़ा है और पार्टी नेतृत्व में बदलाव चाहता है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पडी के पलानीस्वामी के समर्थन में भी 17 विधायकों ने अलग पत्र सौंपा है। इससे साफ है कि पार्टी अब दो खेमों में बंटती दिखाई दे रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सी वी शणमुगम का गुट अभिनेता और मुख्यमंत्री विजय की सरकार को समर्थन देने के पक्ष में है। अगर यह गुट पार्टी के कुल विधायकों में दो-तिहाई समर्थन जुटाने में सफल रहता है, तो वह खुद को पार्टी का वास्तविक नेतृत्व होने का दावा कर सकता है। जानकारों का मानना है कि यदि यह गुट किसी दूसरी पार्टी में विलय का फैसला करता है, तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत विधायकों की सदस्यता बची रह सकती है। तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है और आने वाले दिनों में सत्ता तथा विपक्ष की राजनीति किस दिशा में जाती है। सुबोध/११-०५-२०२६