राष्ट्रीय
11-May-2026


:: एमपी की एसटीएसएफ का बड़ा धमाका; चंबल के घड़ियालों को म्यांमार-थाईलैंड तक तस्करी करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़ :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। दुर्लभ जलीय जीवों की तस्करी करने वाले एक विशाल नेटवर्क का खुलासा करते हुए इंटरपोल मुख्यालय (फ्रांस) ने बांग्लादेशी सरगना अल हज शफीकुल इस्लाम रहमान तालुकदार उर्फ रेमंड तालुकदार के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। मध्यप्रदेश की पेशेवर जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर किसी वन्यजीव अपराधी के खिलाफ हुई यह कार्रवाई प्रदेश के लिए वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तस्करी के इस अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट की कड़ियाँ जुलाई 2025 में मुरैना से जुड़ी थीं। तब एसटीएसएफ ने दबिश देकर घड़ियाल के 30 बच्चे और दुर्लभ प्रजाति के 36 कछुए बरामद किए थे। जांच में खुलासा हुआ कि इन जीवों को चंबल से पकड़कर पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजा जाता था। वहां से तालुकदार का गिरोह इन्हें म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ऊँची कीमतों पर सप्लाई करता था। :: कानपुर से पकड़ा गया था मुख्य गुर्गा :: नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एसटीएसएफ ने कई राज्यों में जाल बिछाया और मार्च 2026 में कानपुर से देश के बड़े तस्कर तारकनाथ घोष को गिरफ्तार किया। घोष से हुई पूछताछ और डिजिटल इनपुट के आधार पर ही बांग्लादेशी मास्टरमाइंड तालुकदार का नाम सामने आया। मध्यप्रदेश वन विभाग ने ठोस सबूतों के साथ केंद्र सरकार और इंटरपोल से संपर्क किया, जिसके बाद 29 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर नोटिस जारी हुआ। :: मध्यप्रदेश की विशेषज्ञता को मिली वैश्विक मान्यता :: वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली के सहयोग से की गई इस कार्रवाई की चारों ओर सराहना हो रही है। उल्लेखनीय है कि इंटरपोल के 195 सदस्य देशों के बीच मध्यप्रदेश की एसटीएसएफ की जांच को पूर्व में भी चार बार सराहा जा चुका है। अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद तालुकदार की गिरफ्तारी के लिए दुनिया भर की पुलिस सक्रिय हो गई है। यह कार्रवाई प्रदेश में शिकारियों और तस्करों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति का प्रमाण है। प्रकाश/11 मई 2026