ज़रा हटके
12-May-2026
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सैन फ्रांसिस्को (ईएमएस)। 43 वर्षीय महिला एरिन मेरेली के लिए बालकनी से आने वाली खनक उनकी स्वर्गीय बहन की मौजूदगी का अहसास दिलाने वाली आवाज बन चुकी है। यह विंड चाइम उनकी दिवंगत बहन की अस्थियों से तैयार की गई एक खास नीली विंड चाइम है, जो अब उनके लिए यादों और भावनाओं का प्रतीक बन गई है। दरअसल, अमेरिका के डेनवर में रहने वाली एरिन की बहन ने अपनी जिंदगी के अंतिम दिनों में एक अनोखी इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें पारंपरिक तरीके से दफनाने के बजाय उनकी अस्थियों से नीले रंग की विंड चाइम बनाई जाए। यह इच्छा सुनकर एरिन भावुक हो गईं, लेकिन उन्होंने अपनी बहन से किया गया वादा निभाने का फैसला किया। आज उनकी बालकनी में टंगी वह विंड चाइम हर हवा के झोंके के साथ बहन की यादों को जीवित कर देती है। इस अनोखी प्रक्रिया के पीछे ‘अल्कलाइन हाइड्रोलिसिस’ नामक वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इसे सामान्य भाषा में ‘जल दाह संस्कार’ भी कहा जाता है। इस प्रक्रिया में शरीर को पानी और विशेष रसायनों के साथ एक नियंत्रित वातावरण में रखा जाता है, जिससे शरीर धीरे-धीरे तरल रूप में बदल जाता है। बाद में बची हुई हड्डियों को सुखाकर महीन पाउडर तैयार किया जाता है। इसी पाउडर का उपयोग एरिन ने अपनी बहन की यादगार विंड चाइम बनाने में किया। एरिन ने एक कलाकार की सहायता से इस पाउडर को सुंदर आकार दिया और उसमें हल्का नीला रंग मिलाया, क्योंकि उनकी बहन को यह रंग बेहद पसंद था। धीरे-धीरे यह पाउडर एक आकर्षक और भावनात्मक महत्व रखने वाली विंड चाइम में बदल गया। अब जब भी हवा चलती है और विंड चाइम बजती है, तो एरिन को ऐसा महसूस होता है मानो उनकी बहन उनसे संवाद कर रही हो। एरिन पेशे से ‘डेथ एजुकेटर’ हैं और लोगों को अपने प्रियजनों को खोने के दुख से उबरने तथा उसे स्वीकार करने के तरीके समझाती हैं। उनका मानना है कि किसी को विदाई देने का तरीका केवल पारंपरिक रस्मों तक सीमित नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति अपने प्रियजनों को याद रखने का अपना अलग तरीका चुन सकता है। एरिन की बालकनी में टंगी यह विंड चाइम इसी सोच का प्रतीक बन गई है। सुदामा/ईएमएस 12 मई 2026