मुंबई,(ईएमएस)। मुंबई में गहराते जल संकट के बीच, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने 15 मई से शहर भर में पानी की आपूर्ति में 10 प्रतिशत कटौती की घोषणा की है। यह निर्णय मुंबई को पानी पिलाने वाली झीलों में जल स्तर में भारी गिरावट और इस साल कमजोर मानसून की मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी को देखकर लिया गया है। हालांकि, बीएमसी के अधिकारियों ने नागरिकों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील कर आश्वासन दिया है कि आने वाले समय में बड़े संकट से बचने के लिए पानी का वितरण सावधानीपूर्वक किया जा रहा है। बीएमसी के अनुसार, वर्तमान में मुंबई के जलाशयों में उपलब्ध जल भंडार शहर की वार्षिक आवश्यकता का केवल 23.5 प्रतिशत है। कुल मिलाकर, करीब 340,399 मिलियन लीटर पानी बचा है, जबकि शहर को सालाना 14 लाख मिलियन लीटर से अधिक की आवश्यकता होती है। निगम स्थिति पर प्रतिदिन बारीकी से नजर रख रहा है ताकि भविष्य में शहर को गंभीर जल संकट का सामना न करना पड़े। इस कटौती का एक प्रमुख कारण इस वर्ष कम वर्षा की आशंका है, जो अल नीनो और हिंद महासागर द्विध्रुव जैसी मौसम संबंधी स्थितियों से प्रभावित हो सकती है। बीएमसी ने निवासियों से पानी बर्बाद न करने और स्थिति सुधारने तक उसका सावधानीपूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया है। संकट से निपटने के लिए, बीएमसी भाटसा और ऊपरी वैतरणा बांधों से अतिरिक्त जल भंडार छोड़ेगी, जिससे क्रमशः लगभग 147,092 मिलियन लीटर और 90,000 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाएगी। मुंबईकरों की चिंताएं इस निर्णय से बढ़ गई हैं। आशीष दुबे / 12 मई 2026