नई दिल्ली (ईएमएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहा है। संघ ने दुनिया के कई प्रभावशाली देशों में संपर्क अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य हिंदुत्व, भारत और संघ को लेकर फैली नकारात्मक धारणाओं को दूर करना बताया जा रहा है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले हाल ही में 11 अप्रैल से 28 अप्रैल तक चले विशेष अंतरराष्ट्रीय दौरे से भारत लौटे हैं। इस अभियान के दौरान दत्तात्रेय होसबाले ने ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और जर्मनी की यात्रा की। ब्रिटेन में उन्होंने विभिन्न शिक्षाविदों, सामाजिक प्रतिनिधियों और भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद किया। इसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में उन्होंने विज्ञान, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक नीति से जुड़े कई कार्यक्रमों में भाग लिया। 23 अप्रैल को वाशिंगटन में आयोजित “न्यू इंडिया सम्मेलन” में उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत पर विचार रखे। इसके बाद 26 से 28 अप्रैल तक जर्मनी में यूरोपीय नीति विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों से मुलाकात कर भारतीय समाज, संस्कृति और आर्थिक योगदान पर चर्चा की गई। संघ सूत्रों के अनुसार यह वैश्विक अभियान आगे जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और कजाखस्तान जैसे देशों तक पहुंचेगा। शताब्दी वर्ष में 100 वर्षों की यात्रा, सेवा, शिक्षा, सामाजिक समरसता और भारतीय मूल्यों को दुनिया तक पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बताया जा रहा है। सुबोध/१२-०५-२०२६