अंतर्राष्ट्रीय
12-May-2026


मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा बैरुत,(ईएमएस)। इन दिनों मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया है, क्योंकि हिज़्बुल्लाह ने इजरायल को नर्क बनाने की धमकी दी है और हथियार डालने से इंकार किया है। संगठन के नेता नईम कासिम ने घोषणा की है कि उनकी सैन्य क्षमताएं पूरी तरह से लेबनान का आंतरिक मामला हैं और इजरायल के साथ किसी भी बातचीत में सौदेबाजी का हिस्सा नहीं होंगी। अपने संबोधन में, कासिम ने इजराइली सैन्य दबाव के खिलाफ कड़ा रुख दिखाकर कहा कि हिज़्बुल्लाह के लड़ाके लंबे समय तक चलने वाले टकराव के लिए तैयार हैं और वे मैदान नहीं छोड़ने वाले है। उन्होंने लेबनानी सरकार के साथ भविष्य में सहयोग के लिए पाँच प्रमुख उद्देश्यों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें इजरायली आक्रामकता को समाप्त करना, कब्ज़े वाले क्षेत्रों से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी, बंदियों की रिहाई, विस्थापित नागरिकों की दक्षिणी लेबनान में सुगम वापसी और व्यापक पुनर्निर्माण प्रयास शामिल हैं। हिज़्बुल्लाह प्रमुख क़ासिम ने कहा कि लेबनान के बाहर किसी को भी लेबनान के हथियारों, प्रतिरोध या आंतरिक मामलों के संगठन में दखल नहीं देना चाहिए। यह कड़ा रुख तब आया है जब लेबनान और इजरायल के बीच स्थिति लगातार हिंसक संघर्षों से घिरी हुई है। अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम अब केवल कागजों पर ही मौजूद है। इज़रायल दक्षिणी लेबनान के बफर ज़ोन में सैन्य उपस्थिति बनाए हुए है और रिपोर्टों से पता चलता है कि मार्च से इजराइल ने लेबनान के लगभग 6 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण कर रखा है। 2 मार्च से संघर्ष बढ़ने के बाद से इस क्षेत्रीय विवाद के मानवीय परिणाम विनाशकारी रहे हैं। लेबनान में इजरायली अभियानों के कारण 2,840 से अधिक लोग मारे गए हैं और 8,700 से अधिक घायल हुए हैं, जबकि हिंसा के कारण दस लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। आशीष दुबे / 12 मई 2026