:: जिला व सिविल अस्पतालों में विशेष इंतजाम, ओआरएस कॉर्नर के साथ कूलर-पंखों की व्यवस्था :: इंदौर (ईएमएस)। प्रदेश में सूरज के तल्ख तेवरों और बढ़ती तपन को देखते हुए इंदौर जिला प्रशासन ने आमजन को तापघात (हीट स्ट्रोक) से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला अस्पताल, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 14 विशेष हीट स्ट्रोक क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर लू से प्रभावित मरीजों के त्वरित उपचार के लिए विशेष कक्षों के साथ-साथ कूलर, पंखे और जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। :: लक्षणों को न करें नजरअंदाज, रहें सतर्क :: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी में पसीना न आना, त्वचा का लाल व शुष्क होना, सिरदर्द, मतली, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण तापघात के संकेत हो सकते हैं। विशेषकर वृद्ध, बच्चे, खिलाड़ी और धूप में काम करने वाले श्रमिक इसकी जद में जल्दी आते हैं। प्रशासन ने अपील की है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। :: इन बातों का रखें विशेष ध्यान :: क्या करें : पर्याप्त पानी पिएं, ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर ढंककर बाहर निकलें और ओआरएस, नींबू पानी या छाछ का सेवन करें। क्या न करें : दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बेवजह बाहर निकलने से बचें, खाली पेट न रहें और चाय-कॉफी या शराब के अधिक सेवन से परहेज करें। बच्चों को बंद वाहनों में अकेला छोड़ने की गलती न करें। :: आरोग्य केंद्रों पर भी ओआरएस कॉर्नर :: मुख्य स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी ओआरएस कॉर्नर बनाए गए हैं। यहाँ न केवल ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं, बल्कि प्राथमिक उपचार के लिए पैरामेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया गया है। प्रशासन की इस सक्रियता का उद्देश्य गर्मी के मौसम में होने वाली जनहानि को रोकना और नागरिकों को सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रकाश/12 मई 2026