राज्य
12-May-2026


:: शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की गारंटी; जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक मिल रहा आर्थिक आधार :: इंदौर (ईएमएस)। प्रदेश के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम अब धरातल पर संजीवनी साबित हो रहे हैं। श्रम विभाग और विभिन्न मंडलों के माध्यम से श्रमिकों को अब जन्म से लेकर बुढ़ापे तक हर मोड़ पर आर्थिक संबल दिया जा रहा है। शासन की मंशा स्पष्ट है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी गरिमापूर्ण जीवन जी सके। योजनाओं के तहत प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपये, बेटियों के विवाह के लिए 49 हजार रुपये का अनुदान और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क चिकित्सा लाभ दिया जा रहा है। श्रमिकों के बच्चों को वैश्विक स्तर की शिक्षा दिलाने के लिए सरकार विदेश अध्ययन योजना संचालित कर रही है। इसके तहत प्रतिभावान विद्यार्थियों को 40 हजार डॉलर तक की सहायता और 10 हजार डॉलर का वार्षिक निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाता है। इतना ही नहीं, जो युवा राज्‍य एवं संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी/एमपीपीएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। आवास निर्माण के लिए एक लाख रुपये और ई-स्कूटर खरीदने के लिए 40 हजार रुपये की राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों (डीबीटी) में हस्तांतरित की जा रही है। :: श्री और श्रमणा पहल से बढ़ा सम्मान :: योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रशासन द्वारा श्री अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर श्रमिकों का पंजीयन किया जा रहा है ताकि कोई भी परिवार पेंशन या स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे। इसी कड़ी में महिला श्रमिकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए श्रमणा योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत कार्यस्थलों पर स्वच्छ पेयजल, विश्राम गृह और बच्चों की देखभाल (चाइल्डकेयर) जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं। पात्र श्रमिक श्रम सेवा पोर्टल या लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। प्रकाश/12 मई 2026