:: जनभागीदारी : अब तक 3670 नागरिक बने प्रहरी, चौराहों पर संभाल रहे यातायात की कमान :: इंदौर (ईएमएस)। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सड़कों पर पसीना बहाने वाले ट्रैफिक प्रहरियों के योगदान को इंदौर पुलिस ने सराहा है। मंगलवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिम्मेदार नागरिकों को प्रशस्ति पत्र, शील्ड और उपहार देकर सम्मानित किया। ट्रैफिक प्रहरी अभियान के माध्यम से आम जनमानस की सहभागिता बढ़ाने की इस मुहिम के अब सकारात्मक परिणाम धरातल पर नजर आने लगे हैं। सम्मान समारोह के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान से अब तक शहर के 3670 जिम्मेदार नागरिक जुड़ चुके हैं। ये नागरिक अपनी सुविधानुसार समय निकालकर विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर यातायात प्रबंधन में सहयोग कर रहे हैं। कमिश्नर ने कहा कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को केवल नियम पालन तक सीमित न रखकर उन्हें व्यवस्था का हिस्सा बनाना है, ताकि शहर में सुचारू और सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित हो सके। :: क्यूआर कोड से जुड़ सकते हैं नए प्रहरी :: पुलिस कमिश्नर ने शहरवासियों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। इच्छुक नागरिक पुलिस द्वारा जारी क्यूआर कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकते हैं। इसमें वे अपनी सुविधा के अनुसार समय और पसंदीदा चौराहे का चयन कर यातायात प्रहरी के रूप में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। :: नियमों के प्रति जनजागृति लाना है लक्ष्य :: प्रशासन का मानना है कि जब आम नागरिक स्वयं सड़क पर उतरकर यातायात नियंत्रित करता है, तो अन्य चालकों में नियमों के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ती है। ट्रैफिक प्रहरी न केवल पुलिस की सहायता कर रहे हैं, बल्कि वे समाज में एक रोल मॉडल के रूप में भी उभर रहे हैं। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सराहनीय कार्य करने वाले प्रहरियों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा। प्रकाश/12 मई 2026