नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने दिल्ली में ऐसी घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि का उल्लेख किया है, जहाँ उन्हें नस्लीय भेदभाव, उत्पीड़न और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता गोगोई ने हाल ही में नेहरू प्लेस में असम और बिहार की दो महिलाओं के साथ हुई कथित बदसलूकी और नस्लीय टिप्पणी की घटना का विशेष रूप से जिक्र किया है। पत्र में हाल ही में 10 मई को हुई घटना का विस्तृत विवरण दिया गया है, जब चाय पी रही इन महिलाओं पर पुरुषों के एक समूह ने नस्लीय फब्तियां कसीं और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। यह मौखिक उत्पीड़न जल्द ही शारीरिक हमले में बदल गया, जिसमें महिलाओं के कपड़े फाड़ने और सार्वजनिक रूप से उनके साथ हिंसक दुर्व्यवहार करने के आरोप शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि महिलाओं को नस्लीय आधार पर निशाना बनाया था। कांग्रेस नेता गोगोई ने इस पर तत्काल और मिसाल बनने वाली कार्रवाई की मांग की है ताकि इसतरह का व्यवहार को सामान्य न माना जाए और न ही इसकी पुनरावृत्ति हो सके। सांसद गोगोई ने जोर दिया कि यह घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि दिल्ली में पूर्वाग्रह, धमकी और हिंसा के एक गहरे पैटर्न का हिस्सा है। उन्होंने मणिपुर की एक वकील और उनकी ट्रांस-महिला मित्र पर हुए हमले तथा फरवरी में दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ हुए नस्लीय दुर्व्यवहार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये बार-बार होने वाली घटनाएं मौजूदा सुरक्षा तंत्रों की गंभीर कमियों को उजागर करती हैं, जिनके कार्यान्वयन, पहुंच और जनता के भरोसे में गंभीर खामियां हैं। कांग्रेस सांसद गोगोई ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से दिल्ली में पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा के लिए मौजूदा संस्थागत तंत्रों की समीक्षा करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिक शहर के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक जीवन में बहुत बड़ा योगदान देते हैं और वे न केवल कानून के तहत सुरक्षा के हकदार हैं, बल्कि उन संस्थाओं पर भरोसे के भी हकदार हैं जो उनकी सुरक्षा के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने आशीष दुबे / 13 मई 2026