नई दिल्ली,(ईएमएस)। कोविड-19 महामारी के सबसे कठिन दौर में भारत ने अपनी वैक्सीन मैत्री पहल के तहत 42 अफ्रीकी देशों को 4 करोड़ से अधिक मेड-इन-इंडिया वैक्सीन खुराकें प्रदान कर वैश्विक एकजुटता का एक उदाहरण पेश किया। इंडियन डिप्लोमेसी के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा की गई पोस्ट में इस मानवीय प्रयास को वसुधैव कुटुंबकम (पूरी दुनिया एक परिवार है) की भावना का प्रतीक बताया है। साल 2020 में जब पूरी दुनिया वैक्सीन की भारी कमी से जूझ रही थी, तब भारत ने सबसे पहले मदद के लिए हाथ बढ़ाया। इस पहल ने न केवल भारत की वैश्विक जिम्मेदारी को दर्शाया, बल्कि मानवता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाया। बोत्सवाना, केन्या, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, मिस्र, नाइजीरिया, युगांडा, रवांडा, इथियोपिया, जिम्बाब्वे जैसे देश उन 42 अफ्रीकी राष्ट्रों में शामिल थे, जिन्हें ये जीवनरक्षक खुराकें मिलीं। इस दौरान भारत ने केवल अपने नागरिकों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि अन्य देशों की आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता दी। यह कदम भारत और अफ्रीका के बीच के गहरे और भरोसेमंद संबंधों को भी मजबूत करता है, जो केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्व और विनम्रता व्यक्त कर कहा था कि भारत में बनी वैक्सीन दुनिया भर के देशों तक पहुंच रही है, और इसका उद्देश्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि मानवता की मदद करना है। आशीष दुबे / 13 मई 2026