क्षेत्रीय
13-May-2026


दुल्हन समेत अब तक 8 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी छह साल का रिश्ता बना मौत का कारण बालाघाट (ईएमएस). रामपायली थाना क्षेत्र के चर्चित तरुण लिल्हारे हत्याकांड अब एक दिल दहला देने वाली साजिश के रूप में सामने आया है, जहां छह साल पुरानी प्रेम कहानी का अंत खौफनाक हत्या में हुआ। जिस युवती को पाने के लिए तरुण हर मुश्किल उठाने को तैयार था, उसी ने अपनी शादी की रात उसे मौत के जाल में फंसा दिया। पुलिस ने मामले में दुल्हन बनी सविता लिल्हारे को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो नाबालिग भतीजों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपी सामने आ चुके हैं। जानकारी के अनुसार, खैरलांजी निवासी 23 वर्षीय तरुण लिल्हारे और सविता लिल्हारे के बीच पिछले छह वर्षों से प्रेम संबंध थे। परिवार की सहमति नहीं मिलने के कारण सविता की शादी कहीं और तय कर दी गई। 5 मई की रात जब घर में शादी की रस्में चल रही थीं और सविता दुल्हन के जोड़े में सजी बैठी थी, उसी दौरान उसकी तरुण से लगातार फोन पर बातचीत हो रही थी। बताया जा रहा है कि सविता ने ही तरुण को शादी समारोह में बुलाया और साथ भाग चलने की बात कही। प्रेम में भरोसा किए तरुण को अंदाजा भी नहीं था कि यह मुलाकात उसकी जिंदगी की आखिरी साबित होगी। वह रात करीब 10 बजे घर से निकला और सीधे शादी स्थल पहुंच गया। जैसे ही तरुण वहां पहुंचा, दुल्हन के भाइयों की नजर उस पर पड़ गई। इसके बाद विवाद बढ़ा और तरुण को मंडप से दूर ले जाया गया, जहां लाठी-डंडों और मुक्कों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इधर प्रेमिका ले रही सात फेरे, उधर प्रेमी का पड़ा था शव घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि हत्या के बाद भी शादी की रस्में जारी रहीं। एक ओर कुछ दूरी पर तरुण का शव पड़ा था, तो दूसरी ओर सविता सात फेरे ले रही थी। बाद में माहौल शांत होने पर शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। पुलिस जांच में सामने आया कि सविता के दो नाबालिग भतीजों ने शव को बाइक पर रखकर गर्राबोड़ी-मुरझड़ मार्ग के पास फेंका। शव को निर्वस्त्र कर इसे सडक़ हादसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने सच्चाई उजागर कर दी। रामपायली पुलिस ने 8 मई को मामले का खुलासा करते हुए सविता के सगे भाई वेदप्रकाश और हरिप्रकाश लिल्हारे, चचेरे भाई दिलीप और कमलकिशोर लिल्हारे सहित पड़ोसी योगेश वरकड़े को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद 12 मई को सविता लिल्हारे को भी मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है—जहां कभी प्यार, भरोसा और साथ जीने के वादे थे, वहीं अब साजिश, हत्या और धोखे की कहानी सामने आई है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों में टूटन और दबाव किस हद तक इंसान को खतरनाक मोड़ पर ले जा सकते हैं। भानेश साकुरे / 13 मई 2026