राज्य
14-May-2026


पटना, (ईएमएस)। बिहार में वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में राज्य के शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपने नियमित शिक्षण कार्य के साथ-साथ जनगणना कार्य में भी भाग लेंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर ने सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त शिक्षक स्कूल समय से पहले या स्कूल की छुट्टी के बाद ही फील्ड वर्क करेंगे। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शिक्षकों को विद्यालय के निर्धारित शिक्षण समय के दौरान किसी भी प्रकार की जनगणना गतिविधि में शामिल नहीं किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाना और शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को 31 मई तक चलने वाले अनिवार्य प्रशिक्षण कार्य से अस्थायी राहत दी जाएगी, ताकि वे अपने शैक्षणिक दायित्वों को बिना बाधा पूरा कर सकें। विभाग के अनुसार यह व्यवस्था केंद्र सरकार और केंद्रीय कैबिनेट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है, जिसमें कहा गया है कि जनगणना कर्मी अपनी नियमित ड्यूटी के अतिरिक्त समय में ही फील्ड कार्य करेंगे। हालांकि इस आदेश के बाद शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति भी सामने आ रही है। कई शिक्षकों का कहना है कि अलग-अलग जिलों में उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया अलग-अलग होने से भ्रम की स्थिति बन रही है। शिक्षकों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग जनगणना कार्य और उपस्थिति प्रणाली को लेकर एक समान एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा शिक्षकों ने अतिरिक्त कार्यभार और अनिवार्य प्रशिक्षण को लेकर समय-समन्वय या स्पष्ट छूट देने की भी मांग की है। उनका कहना है कि दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ निभाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं विभागीय आदेश में यह भी कहा गया है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षक नियमित रूप से स्कूलों में अध्यापन जारी रखेंगे और फील्ड कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर ही पूरा करेंगे। वर्तमान में गर्मी को देखते हुए बिहार के अधिकांश सरकारी स्कूल सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित हो रहे हैं। ऐसे में दिन के समय जनगणना कार्य करना व्यवहारिक रूप से कठिन माना जा रहा है। इसी कारण विभाग ने यह व्यवस्था बनाई है कि शिक्षक स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर या शाम के समय जनगणना संबंधी फील्ड वर्क करेंगे। इससे एक ओर जहां छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी, वहीं दूसरी ओर जनगणना कार्य भी समय पर पूरा किया जा सकेगा। कुल मिलाकर शिक्षा विभाग का यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। अब यह देखना होगा कि जिला स्तर पर इन निर्देशों को कितनी गंभीरता और समन्वय के साथ लागू किया जाता है। संतोष झा- १४ मई/२०२६/ईएमएस