राज्य
14-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। राजधानी दिल्ली के सभी जिला अदालतों में बृहस्पतिवार को वकील हड़ताल पर हैं। दिल्ली में कुल सात जिला अदालतें हैं—साकेत, पटियाला हाउस कोर्ट, राउज एवेन्यू, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, द्वारका और रोहिणी। इन अदालतों में हजारों वकील प्रैक्टिस करते हैं और लाखों केस पेंडिंग हैं। वकीलों का कहना है कि हड़ताल दो मुख्य मुद्दों को लेकर की गई है। 1. सिविल मामलों का आर्थिक क्षेत्राधिकार बढ़ाने की मांग वर्तमान में दिल्ली की जिला अदालतों में वही सिविल मुकदमे दाखिल किए जा सकते हैं जिन संपत्तियों की कीमत दो करोड़ रुपये तक है। इससे अधिक मूल्य के मामलों को केवल दिल्ली हाईकोर्ट में ही दाखिल किया जा सकता है। यह सीमा पहले बीस लाख रुपये थी, जिसे 26 अक्टूबर 2015 को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया गया था। लगभग ग्यारह वर्ष बीत चुके हैं और इस अवधि में दिल्ली में संपत्तियों के मूल्य कई गुना बढ़ चुके हैं। वकीलों का कहना है कि इसलिए हमारी मांग है कि यह सीमा दो करोड़ से बढ़ाकर बीस करोड़ रुपये की जाए, ताकि बीस करोड़ तक के दीवानी मुकदमे जिला अदालतों में ही दाखिल हो सकें। 2. हाईकोर्ट के निर्णयों में जिला अदालत प्रतिनिधियों की भागीदारी जब भी दिल्ली हाईकोर्ट वकीलों से संबंधित कोई निर्णय लेती है, चैंबर निर्माण, कोर्ट रूम विस्तार, लाइब्रेरी सुविधाएं या अन्य व्यवस्थाएं- तो जिला अदालतों के चुने हुए प्रतिनिधियों को भी इसमें सम्मिलित किया जाना चाहिए। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/14/ मई/2026