क्षेत्रीय
14-May-2026


बालाघाट (ईएमएस). गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जनसामान्य को लू (तापघात) से बचाव के लिए एडवायजरी जारी की गई है। एडवायजरी में लोगों को गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। जारी निर्देशों के अनुसार लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, ओआरएस घोल, लस्सी, नींबू पानी एवं आम का पना जैसे तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। धूप में निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढंककर रखना चाहिए तथा शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना चाहिए। विशेषज्ञों ने धूप में बाहर जाने से पहले तरल पदार्थ लेने की भी सलाह दी है। एडवायजरी में बताया गया है कि सूर्य दाह (सनबर्न) होने पर त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन, फफोले या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को बार-बार नहलाना चाहिए तथा फफोले होने पर स्टरलाइज ड्रेसिंग कर डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है। ताप के कारण शरीर में ऐंठन, अत्यधिक पसीना या मांसपेशियों में दर्द होने पर प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर आराम देना चाहिए। प्रभावित अंगों को धीरे-धीरे दबाकर सहलाने की सलाह दी गई है। लू लगने की स्थिति में व्यक्ति को ठंडा पानी, छाछ अथवा पना पिलाया जा सकता है, लेकिन उबकाई आने पर तुरंत पेय देना बंद कर चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। इसके अलावा अत्यधिक थकावट, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, शरीर ठंडा पडऩा अथवा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर प्रभावित को ठंडे स्थान पर लिटाकर गीले कपड़े से शरीर की स्पंजिंग करनी चाहिए। यदि संभव हो तो उसे वातानुकूलित कमरे में रखा जाए। प्राधिकरण ने तापदाह (हीट स्ट्रोक) की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि अत्यधिक बुखार, गर्म एवं सूखी त्वचा, तेज नब्ज या बेहोशी आने पर तत्काल मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराना चाहिए। प्रशासन ने नागरिकों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की अपील की है। भानेश साकुरे /14 मई 2026