क्षेत्रीय
16-May-2026
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- कोर्ट ने सुनाया 10-10 साल का कारावास - पैतृक मकान पर कब्जे के मामला भदोही (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश की भदोही एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपने ही एक रिश्तेदार के पैतृक आवास पर जबरन कब्जा करने और एक माइनिंग फर्म को अवैध रूप से अपने नियंत्रण में लेने के मामले में बाहुबली व पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और बेटे समेत पूरे परिवार को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी व पूर्व एमएलसी रामलली मिश्रा और उनके बेटे विष्णु मिश्रा को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसी मामले में पूर्व विधायक की बहू रूपा मिश्रा को भी अदालत ने चार साल की जेल की सजा दी है। यह पूरा मामला साल 2020 का है, जब विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने 4 अगस्त 2020 को पैतृक मकान पर कब्जा करने और माइनिंग फर्म को जबरन हड़पने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 अगस्त 2020 को विजय मिश्रा को मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से गिरफ्तार किया था। इस मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया चली और लगभग 895 दिनों तक चले मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों को अदालत में पेश किया गया। गहन जांच के बाद पुलिस ने 20 नवंबर 2023 को अदालत में अपना आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था, जिसके आधार पर अब यह फैसला आया है। पारिवारिक संलिप्तता के कारण इस मामले में विजय मिश्रा के साथ उनका पूरा परिवार कानून के शिकंजे में आ गया। मामले में फरार चल रहे उनके बेटे विष्णु मिश्रा को जुलाई 2022 में पुणे से गिरफ्तार किया गया था, जिस पर पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखा था। इसी वर्ष पूर्व एमएलसी और विजय मिश्रा की पत्नी रामलली मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में अदालत से जमानत मिल गई थी। वर्तमान में पूर्व विधायक विजय मिश्रा आगरा जेल में और उनका बेटा विष्णु मिश्रा लखीमपुर खीरी जेल में बंद हैं। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जमानत पर बाहर चल रहीं रामलली मिश्रा और उनकी बहू रूपा मिश्रा को भी बृहस्पतिवार को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। वर्ष 2020 में हुई पहली गिरफ्तारी के बाद से बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा एक बार भी जेल की सलाखों से बाहर नहीं आ सके हैं। रामयश/ईएमएस 16 मई 2026