रायपुर(ईएमएस)। राजधानी रायपुर में मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शुक्रवार को लालपुर स्थित थोक फल बाजार में अचानक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान बाजार में बिक रहे फलों की गुणवत्ता, स्वच्छता और भंडारण व्यवस्था की पड़ताल की गई। इस कार्रवाई में करीब 40 किलो सड़े-गले और खराब फल मौके पर ही नष्ट कराए गए, जबकि विभिन्न फलों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। यह कार्रवाई नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक कुमार अग्रवाल और रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर की गई। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने बाजार में संचालित दुकानों और गोदामों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने यह जांचने की कोशिश की कि कहीं फलों को कृत्रिम रूप से पकाने, रासायनिक पदार्थों का उपयोग करने या खराब गुणवत्ता वाले फल बेचने जैसी गतिविधियां तो नहीं हो रही हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने तरबूज के दो नमूने, अनार का एक नमूना, आम का एक नमूना और मौसंबी का एक नमूना संग्रहित किया। कुल पांच नमूनों को सीलबंद कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां इनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यदि फलों में किसी प्रकार की मिलावट, रासायनिक उपयोग या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित व्यापारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान बाजार के कई हिस्सों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फल पाए गए। अधिकारियों ने पाया कि कुछ व्यापारी खराब हो चुके फलों को भी बिक्री के लिए अलग रखे हुए थे, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। इसके बाद विभागीय टीम ने लगभग 40 किलो खराब फलों को तत्काल जब्त कर नष्ट कराया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों और गर्मी के मौसम में फलों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट और खराब खाद्य सामग्री बेचने की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं। इसी को देखते हुए राजधानी समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि कहीं खराब, सड़े-गले या संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का मानना है कि आम लोगों की जागरूकता और विभागीय निगरानी से ही सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)16 मई 2026