रायपुर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ रायपुर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत माफियाओं पर निर्णायक प्रहार किया है। कलेक्टर के सख्त निर्देशों और खनिज प्रशासन के उप संचालक के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में 14 हाइवा वाहन जब्त किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, विभाग को लंबे समय से आरंग क्षेत्र में रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। इन सूचनाओं की पुष्टि के बाद खनिज विभाग की टीम ने आरंग-खरोरा मुख्य मार्ग पर ग्राम रानीसागर के पास देर रात नाकेबंदी की कार्रवाई की। नाकेबंदी के दौरान जैसे ही रेत से लदे हाइवा वाहनों का काफिला वहां पहुंचा, टीम ने उन्हें रोककर जांच शुरू की। वाहनों के चालकों से रॉयल्टी रसीद, पीटपास और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन किसी भी वाहन के पास वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद सभी 14 हाइवा वाहनों को मौके पर ही जब्त कर खरोरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन सभी वाहन मालिकों और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह कोई एकल कार्रवाई नहीं है, बल्कि पिछले 15 दिनों से अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नदी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में मशीनों की गतिविधियों पर रोक, प्रमुख मार्गों पर अचानक जांच और अवैध रूप से संग्रहित रेत के भंडारण स्थलों पर छापेमारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इन कार्रवाइयों से अवैध रेत कारोबार से जुड़े नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है। वहीं आरंग क्षेत्र में महानदी के किनारे अनियंत्रित खनन के कारण नदी की प्राकृतिक संरचना पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें खराब हो रही थीं और धूल प्रदूषण की समस्या बढ़ गई थी। साथ ही भूजल स्तर पर भी नकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा था। इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि किसी प्रकार की सूचना लीक न हो सके। पूरी रात चले इस ऑपरेशन में खनिज विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खनिज विभाग के उप संचालक ने कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार अवैध उत्खनन और परिवहन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)16 मई 2026