राज्य
16-May-2026


हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर और निगमायुक्त को दिए जांच कर कार्रवाई के निर्देश जबलपुर (ईएमएस)। म.प्र. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल और न्यायाधीश रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की संयुक्तपीठ ने जबलपुर में एक पार्षद के द्वारा कथित सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जबलपुर कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अपने आदेश में संयुक्तपीठ ने कहा कि यदि संबंधित भूमि सरकारी पाई जाती है, तो 22 जून 2026 तक अतिक्रमण हटाया जाए। मामले पर अगली सुनवाई 25 जून को नियत की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता जयदीप शाह की ओर से अधिवक्ता प्रियंकुश जैन उपस्थित हुए जबकि राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सिंह ने पक्ष रखा। वहीं हस्तक्षेपकर्ता अमित जैन की ओर से अधिवक्ता सतीश वर्मा और नगर निगम की ओर से अधिवक्ता सौरभ सुन्दर उपस्थित हुए। उच्च न्यायालय में प्रकरण पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सतीश वर्मा ने संयुक्तपीठ को अवगत कराया कि याचिकाकर्ता जयदीप शाह के मकान के सामने लगभग 12 हजार वर्गफीट भूमि स्थित है, जो सरकारी जमीन है। आरोपित है कि स्थानीय पार्षद अयोध्या तिवारी ने इस जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है। याचिका में यह भी कहा गया कि इस संबंध में राज्य सरकार और नगर निगम को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ता तीन दिनों के भीतर कलेक्टर जबलपुर और नगर निगम कमिश्नर को आवेदन देता है, तो अधिकारी पहले यह जांच करेंगे कि संबंधित भूमि वास्तव में सरकारी है या नहीं? इसके बाद यदि जांच में भूमि सरकारी पाई जाती है, तो प्रशासन 30 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करे। मामले में दायर संशोधन आवेदन का निपटारा करते हुए न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख 25 जून 26 नियत की है। अजय पाठक / मोनिका / 16 मई 2026 / 02.52