-इससे पहले अफ्सलाउटडाइक बांध का किया निरीक्षण -भारत-नीदरलैंड के बीच जल प्रबंधन और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर एम्सटर्डम,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी कर ली है और अब वे स्वीडन के लिए रवाना हो गए हैं। यात्रा के अंतिम चरण में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेट्टेन ने उन्हें शिफोल एयरपोर्ट पर विदाई दी। विदा होने से पहले दोनों नेताओं ने विश्व प्रसिद्ध अफ्सलाउटडाइक बांध का दौरा किया, जो डच इंजीनियरिंग और जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। इस दौरान जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भारत और नीदरलैंड के बीच सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा के बाद सोशल मीडिया पर नीदरलैंड की मेजबानी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई दिशा देने वाला रहा है। दोनों देशों ने जल संसाधन, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा, स्थिरता और गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। मोदी ने कहा कि नीदरलैंड की जल प्रबंधन तकनीक पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल है और भारत भी सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और जलमार्ग विकास में आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत में चल रही महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना में डच विशेषज्ञता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नीदरलैंड की उन्नत तकनीक भारत के तटीय और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के व्यापक विदेश दौरे का हिस्सा है, जिसके तहत वे अब स्वीडन पहुंचेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। हिदायत/ईएमएस 17मई26