- सडक़ पर मौत का खेल, दो एंबुलेंस हादसों ने खोली सिस्टम की पोल - परसवाड़ा और वारासिवनी थाना क्षेत्र में हुई घटना बालाघाट (ईएमएस). जिले में बेलगाम रफ्तार अब जानलेवा बनती जा रही है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात दो अलग-अलग सडक़ हादसों में दो एंबुलेंस जलकर खाक हो गईं। एक हादसे में चालक जिंदा जल गया, जबकि दूसरी घटना में चालक मौके से फरार हो गया। लगातार हो रहे हादसे साफ संकेत दे रहे हैं कि सडक़ों पर रफ्तार का आतंक बेकाबू हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार अब भी खामोश हैं। जिले में एक ही रात में दो एंबुलेंस हादसे सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की खुली तस्वीर हैं। अगर अब भी सख्ती नहीं हुई, तो तेज रफ्तार का यह कहर और भी कई जिंदगियां निगल सकता है। विदित हो कि परसवाड़ा क्षेत्र में इसके पूर्व भी एक तेज रफ्तार कार आग का गोला बनी थी, इस घटना में चार लोग जिंदा जल गए थे। खर्रा गांव के पास हुआ हादसा पहली और सबसे दर्दनाक घटना परसवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम खर्रा के पास हुई। मंगलवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच एक तेज रफ्तार एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई और पलटते ही उसमें आग लग गई। हादसा इतना भीषण था कि चालक वाहन में ही फंस गया और जिंदा जलकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान माइकल अंतुने मोरिस (56) निवासी अजनी, नागपुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार वह नागपुर से एक मरीज को संतरीटोला गांव छोडऩे आया था। मरीज को सुरक्षित छोडऩे के बाद वह वापस नागपुर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया। नागपुर से संतरीटोला मरीज लेकर आई थी एंबुलेंस संतरीटोला निवासी कमलेश कुशरे के मुताबिक, वह अपने जीजा शिवा पंद्रे के साथ मजदूरी के लिए नागपुर गया था, जहां निर्माण कार्य के दौरान शिवा का पैर टूट गया था। इलाज के बाद एंबुलेंस से उन्हें रात करीब 2 बजे गांव लाया गया। चालक माइकल संतरीटोला में कुछ देर रुका और फिर सुबह लौटते समय हादसे का शिकार हो गया। राहगीरों ने दी सूचना घटना के बाद राहगीरों ने जलती एंबुलेंस और शव को देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। परसवाड़ा थाना प्रभारी मदन इवने के अनुसार, प्रारंभिक जांच में एंबुलेंस के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने की बात सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी गई है। वारासिवनी क्षेत्र में भी जली एंबुलेंस इसी रात दूसरी घटना वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम दीनी-पूनी में हुई, जहां एक एंबुलेंस पेड़ से टकराकर पूरी तरह जल गई। हालांकि इस हादसे में चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस को सोमवार रात पूनी गांव में खड़ा देखा गया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उस समय वाहन में कोई मरीज था या नहीं। पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है। तेज रफ्तार बन रही ‘मौत की वजह’ जिले में लगातार बढ़ते सडक़ हादसे यह साबित कर रहे हैं कि तेज रफ्तार अब सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। खासकर एंबुलेंस जैसे संवेदनशील वाहनों का इस तरह हादसों का शिकार होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या सडक़ों पर रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं बचा?, एंबुलेंस चालकों के लिए क्या कोई सुरक्षा मानक लागू हैं?, आखिर कब तक लापरवाही यूं ही जान लेती रहेगी? भानेश साकुरे / 19 मई 2026