लंदन (ईएमएस)। टी20 क्रिकेट लीग के इस दौर में जहां बल्लेबाज विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए कुछ ही गेंदों में अर्धशतक और शतक लगा रहे हैं। वहीं टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर ट्रेवर बेली के नाम धीमी बल्लेबाजी का एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्ज है जो अब टूटना असंभव है। इस बल्लेबाज ने दशकों पहले एक ऐसी पारी खेली थी जिसने बल्लेबाजी की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने 50 रन बनाने के लिए 350 गेंदें खेलीं। इस प्रकार बेली के नाम सबसे धीमें अर्धशतक का रिकार्ड दर्ज हो गया है। ये वाकया साल 1958 का है तब इंग्लैंड की टीम ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया से खेल रही थी। दूसरी पारी में इंग्लैंड टीम मुश्किल में थी। ऐसे कठिन समय में, तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ट्रेवर बेली ने रन बनाने के जगह क्रीज पर टिके रहना तया किया। बेली ने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का सामना करने को ही अपना एकमात्र लक्ष्य बना लिया। बेली ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को बुरी तरह थकाते हुए, धैर्य और दृढ़ता की मिसाल पेश की। उन्होंने महज 50 रन के आंकड़े तक पहुँचने के लिए रिकॉर्ड 350 गेंदें खेलीं। ये टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का आज तक का सबसे धीमा अर्धशतक है। अपनी इस अविश्वसनीय पारी में बेली ने कुल 427 गेंदों का सामना किया और 68 रन बनाए। भले ही इंग्लैंड यह मैच 8 विकेट से हार गया, लेकिन बेली ने अपनी इस धैर्यपूर्ण और अविस्मरणीय पारी से सभी का दिल जीत लिया। एक आधुनिक क्रिकेट के तेज़-तर्रार स्वरूप को देखते हुए, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बेली द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड अब कभी नहीं टूटेगा। आज के दौर में बल्लेबाज हर फॉर्मेट में तेजी से रन बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और 15-20 गेंदों में अर्धशतक पूरा करना अब आम बात हो गई है। रन रेट और स्ट्राइक रेट का महत्व इतना बढ़ गया है कि कोई भी बल्लेबाज 350 गेंदों में 50 रन बनाने का जोखिम नहीं उठाएगा। ऐसे में, ट्रेवर बेली की 350 गेंदों में 50 रन की पारी का रिकॉर्ड है हमेशा ही बना रहेगा। गिरजा/ईएमएस 20मई 2026