राष्ट्रीय
20-May-2026


* “कैप्टन सुमित सभरवाल का शव सीट पर बैठे जैसा था, हाथों में कंट्रोल योक था” : पीड़ित परिवार के सदस्य अहमदाबाद (ईएमएस)| पिछले वर्ष जून में अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 दुर्घटना में अब एक नया मोड़ सामने आया है। हादसे में अपने परिवार के तीन सदस्यों को खोने वाले और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े खेड़ा निवासी रोमन वोहरा ने दावा किया है कि उन्होंने सिविल अस्पताल के शवगृह में फ्लाइट के कैप्टन सुमित सभरवाल का शव देखा था, जो विमान की सीट पर बैठे व्यक्ति जैसी कठोर अवस्था में था और उनके हाथों में विमान का स्टीयरिंग (कंट्रोल योक) पकड़ा हुआ था। इस दावे ने संकेत दिया है कि पायलट ने आखिरी क्षण तक विमान को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की थी। 100 से अधिक पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाली अमेरिका स्थित एक लॉ फर्म के अधिकारी ने कहा कि हादसे के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने से पहले स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अधिकारी ने कहा कि “पीड़ित परिवारों को सच्चाई जानने का अधिकार है। जल्दबाजी में ऐसे निष्कर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए जो शक्तिशाली कंपनियों या संस्थाओं को बचाने का काम करें।” बता दें कि लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 ने 12 जून 2025 को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ समय बाद ही विमान अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में एक हॉस्टल कॉम्प्लेक्स पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक यात्री जीवित बचा था। फ्लाइट का संचालन पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर कर रहे थे। रोमन वोहरा ने बताया कि हादसे में उनके भाई, भतीजी और काकी की मौत हुई थी। 13 जून को वे शवों की पहचान के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल के शवगृह पहुंचे थे। मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली थी। उन्होंने दावा किया कि कैप्टन सभरवाल का शव बाकी शवों से अलग एक टेबल के किनारे रखा गया था। वोहरा के मुताबिक “शरीर कठोर अवस्था में था और ऐसा लग रहा था मानो वह अभी भी अपनी सीट पर बैठे हों। उनके हाथों में स्टीयरिंग था। पैर मुड़े हुए थे और हाथ आगे की ओर फैले हुए थे।” जब उनसे पूछा गया कि क्या कंट्रोल अभी भी पायलट के हाथों में था, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, स्टीयरिंग उनके हाथ में था।” रोमन वोहरा ने कहा कि कैप्टन का शव यूनिफॉर्म में था, जिससे उन्हें पहचानने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि “वहां केवल एक ही कैप्टन का शव था। शरीर का अगला हिस्सा और चेहरा अपेक्षाकृत कम जला हुआ था, जबकि पीछे का हिस्सा अधिक जला था। बाद में जब मैंने कैप्टन सभरवाल की तस्वीरें देखीं, तो मुझे यकीन हो गया कि वह उन्हीं का शव था।” वोहरा ने हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की मानसिक स्थिति का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि “हमारी अपनी त्रासदी इतनी बड़ी थी कि हम किसी से बात करने की हालत में नहीं थे। मैं 10 दिनों तक अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर शवों का इंतजार करता रहा। बाद में डीएनए मैच होने के बाद शव परिवार को सौंपा गया।” पिछले वर्ष जुलाई में जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने कहा था कि उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही विमान के इंजन की फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गई थी। कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई दिया था कि उसने स्विच क्यों बंद किया, जिस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया था कि उसने ऐसा नहीं किया। सतीश/20 मई