अंतर्राष्ट्रीय
20-May-2026


-नुकसान पर भड़का मलेशिया, नॉर्वे से मांगे 251 मिलियन डॉलर कुआलालंपुर,(ईएमएस)। नॉर्वे ने मलेशिया को दी जाने वाली नेवल स्ट्राइक मिसाइल सिस्टम के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले ने न केवल दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि मलेशिया को बड़ा आर्थिक नुकसान भी हुआ है। मलेशियाई रक्षा मंत्री मोहम्मद खालिद नॉर्डिन ने बताया कि सरकार ने नॉर्वे की कंपनी कोंग्सबर्ग डिफेंस एंड एयरोस्पेस को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस के जरिए मलेशिया ने करीब 251 मिलियन डॉलर यानी करीब 1 अरब रिंगिट के मुआवजे की मांग की है। मलेशिया इस डील के लिए पहले ही 95 फीसदी रकम का भुगतान कर चुका था। डिलीवरी से ठीक पहले एक्सपोर्ट पर रोक लगने से मलेशियाई सरकार भड़क गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने अपनी सफाई में कहा है कि वैश्विक सुरक्षा माहौल तेजी से बदल रहा है। इसी वजह से देश ने अपनी रक्षा तकनीकों के एक्सपोर्ट नियमों को कड़ा कर दिया है। नई नीति के मुताबिक अब नॉर्वे अपनी सबसे संवेदनशील सैन्य तकनीकें केवल नाटो के सदस्य देशों या अपने सबसे करीबी सहयोगियों को ही बेचेगा। मलेशिया इस कैटेगरी में नहीं आता, इसलिए उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से मलेशिया का पूरा नेवल मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम अधर में लटक गया है। मलेशिया ने साल 2018 में कोंग्सबर्ग के साथ अपनी नई क्लास के युद्धपोतों को इस मिसाइल सिस्टम से लैस करने का करार किया था। अब मलेशिया को जहाजों पर पहले से इंस्टॉल किए जा चुके मिसाइल माउंटिंग सिस्टम को हटाना होगा। इसके साथ ही नए वैकल्पिक मिसाइल सिस्टम को तलाशने और उन्हें जहाजों में फिट करने में भारी खर्च और समय लगेगा। रिपोर्ट के मुताबिक मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम ने इस कार्रवाई पर सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोर से फोन पर बात करके अपना विरोध जताया। इब्राहिम ने सोशल मीडिया पर कहा कि साइन किए गए कॉन्ट्रैक्ट कोई हवा में उड़ाने वाले कागज के टुकड़े नहीं हैं, जिन्हें इस तरह मनमर्जी से रद्द कर दिया जाए। रक्षा मंत्री खालिद ने इसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भरोसे की बड़ी कमी बताया है। सिराज/ईएमएस 20मई26