मुम्बई (ईएमएस)। अनुभवी खिलाड़ी रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस टीम की वार्षिक एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल (ईएसए) पहल को किसी आईपीएल मैच से कहीं बढ़कर बताया है। उन्होंने कहा कि इस साल 20,000 से अधिक बच्चों के लिए मैदान में टीम पूरी ताकत झौंक देगी। रोहित ने कहा कि यह पहल हजारों वंचित बच्चों को ऐसी अनमोल यादें देने के बारे में है, जिन्हें वे अपनी पूरी जिंदगी संजोकर रख सकते हैं। रिलायंस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में श्रीमती नीता एम अंबानी की दूरदर्शिता से प्रेरित यह पहल हर साल शिक्षा और खेल के महत्व को उजागर करती है। रोहित ने इस पहल के महत्व को लेकर कहा, यह बहुत ज़रूरी है। इतने सालों से मैं इसके बारे में खुलकर बोलता आया हूं। मुझे लगता है कि शिक्षा हमारे जीवन का बहुत अहम हिस्सा है। इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही ज़रूरी है। गौरतलब है कि हर साल, मुंबई इंडियंस एक आईपीएल मैच विशेष रूप से एनजीओ, आदिवासी समुदायों, गांवों, विशेष ज़रूरतों वाले स्कूलों और वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए समर्पित करती हैं। इस दिन ईएसए मैच के लिए कोई टिकट नहीं बेचे जाते, बल्कि वानखेड़े स्टेडियम का पूरा रोमांच और अनुभव सिर्फ इन्हीं बच्चों के लिए होता है। इस साल, 20,000 से ज़्यादा बच्चों के मैच में आने की उम्मीद है, जिनमें नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (नैब) के दृष्टिबाधित बच्चे और पहली बार उनके साथ सुनने में मदद करने वाले साथी भी शामिल हैं, जो इस पहल को और भी समावेशी बनाता है। रोहित ने इस अभूतपूर्व पहल के लिए रिलायंस फाउंडेशन की सराहना की। उन्होंने कहा, रिलायंस फाउंडेशन को इसका श्रेय जाता है कि उन्होंने इसे दुनिया के सामने लाया, खासकर वे 20,000 से ज़्यादा बच्चे जो आकर मैच देखते हैं। यह हमारे लिए बहुत खास है और हर साल हम इसे उनके लिए खास बनाने की कोशिश करते हैं। बहुत से बच्चों के लिए यह दिन कई मायनों में पहला अनुभव होता है। पहली बार मुंबई आना, पहली बार स्टेडियम के अंदर जाना और पहली बार अपने क्रिकेट हीरोज को सीधे मैदान पर खेलते देखना। रोहित ने स्वीकार किया कि ऐसे पल खिलाड़ियों के लिए भी बहुत मायने रखते हैं। उन्होंने कहा, उनके लिए क्रिकेट मैच देखना बहुत रोमांचक है और हमारे लिए भी। क्योंकि हम जानते हैं, जब हम बच्चे थे, तो हमारे लिए स्टेडियम में जाकर लाइव मैच देखना बहुत मुश्किल था। यह एक सपनों जैसा अनुभव है। सैकड़ों बेस्ट बसें, पुलिसकर्मी, मेडिकल टीमें, वॉलंटियर्स, एनजीओ वर्कर्स और सपोर्ट स्टाफ वन फैमिली की भावना के साथ मिलकर इस विशाल आयोजन को सफल बनाते हैं। रोहित ने अपनी बात समाप्त करते हुए दृढ़ संकल्प दोहराया, ये सभी बच्चे टीम के लिए, हमारे खेलने के तरीके के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं। वे तीन-चार घंटे लगातार उत्साह बढ़ाते हैं, जो आसान नहीं है। इसलिए हम इसे उनके लिए बहुत खास बनाना चाहते हैं। हम अपनी पूरी ताकत लगा देंगे ताकि वे मुस्कुराते हुए और खुश होकर वापस जाएं और हमेशा वानखेड़े में मैच देखने की इस अनमोल याद को संजोकर रखें। ईएमएस 21मई 2026