नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के दो सबसे बड़े एविएशन हब दिल्ली और मुंबई में विमान ईंधन (एविएशन टरबाइन फ्यूल-एटीएफ) पर वैट में बड़ी कटौती की गई है। दिल्ली सरकार ने एटीएफ पर वैट 25 प्रतिशत से घटाकर छह महीने के लिए 7 प्रतिशत कर दिया है, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ पर वैट 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब ईरान युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये की कमजोरी और बढ़ते परिचालन खर्चों के कारण एयरलाइंस पर दबाव बढ़ गया है। एयरलाइंस लंबे समय से सरकार से ईंधन पर टैक्स कम करने की मांग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए), जिसमें एयर इंडिया इंडिगो और स्पाइजेट शामिल हैं, ने 26 अप्रैल को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा था कि ईंधन लागत बढ़ने से ऑपरेशन का खर्च का 55 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि संकट से पहले यह 30 से 40 प्रतिशत के बीच था। दिल्ली और मुंबई देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट हैं और यहां हर दिन बड़ी मात्रा में विमान ईंधन की खपत होती है। दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2024-25 में करीब आठ करोड़ यात्रियों को संभाल चुका है, जबकि मुंबई एयरपोर्ट ने 2025 में 5.55 करोड़ यात्रियों और 3.31 लाख से अधिक विमान संचालन दर्ज किए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों हब पर टैक्स में कटौती का असर छोटे एयरपोर्ट्स की तुलना में कहीं अधिक होगा, क्योंकि एयरलाइंस यहां सबसे ज्यादा ईंधन खरीदती हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/21/ मई/2026