ढोल नगाड़ों की धुन पर पर नृत्य कर मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव दमोह (ईएमएस)। शहर के वार्ड नंबर 5 स्थित बजरिया कन्या शाला के पास चल रही श्रीमद् भागवत कथा में गुरुवार को चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। कथा व्यास राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित देवव्रत शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। उन्होंने कथा में बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा स्थित कंस के कारागार में हुआ। भगवान के संकेत पर वसुदेव जी ने नवजात कृष्ण को अपने सिर पर धारण कर गोकुल की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान पहरेदार निद्रा में चले गए और कारागार के बंधन स्वतः खुल गए। यमुना नदी के उफान को पार कर वसुदेव जी सुरक्षित रूप से भगवान को गोकुल पहुंचा आए। कथा व्यास ने इस प्रसंग के माध्यम से संदेश दिया कि जो भी व्यक्ति भगवान का आश्रय ग्रहण करता है, वह जीवन के सभी प्रकार के बंधनों और संकटों से मुक्त हो जाता है। भगवान की शरण ही सच्ची मुक्ति का मार्ग है। गोकुल में नंद बाबा के यहां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, विशेषकर माखन चोरी लीला का भी सुंदर वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान अपनी मधुर लीलाओं से भक्तों को आनंद प्रदान करते हैं और जहां सच्चा आनंद मिल जाता है, वहां अन्य किसी वस्तु की इच्छा शेष नहीं रहती। जैसे ही वसुदेव जी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर गोकुल पहुंचने की झांकी प्रस्तुत की गई, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” के जयघोष के साथ ढोल नगाड़ों की धुना पर नृत्य कर श्री कृष्णा जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर मां नर्मदा के पावन बरमान गोपालघाट स्थित अपर्णा शक्तिपीठ के महंत श्री 108 पंडित रमाकांत शास्त्री जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने आशीर्वचन देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म एवं भक्ति मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति, आस्था एवं उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। ईएमएस / 21/05/2026