किसान दिवस में नहीं मिली बैठने-पानी की व्यवस्था, भड़के अन्नदाताओं ने प्रशासन पर लगाया मानवीय अत्याचार का आरोप हाथरस (ईएमएस)। डीडी कार्यालय पर आयोजित किसान दिवस प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और अफसरों की बेरुखी के चलते गुरुवार को पूरी तरह बेपटरी नजर आया। भीषण गर्मी और तपती धूप में दूर-दराज से पहुंचे किसानों को घंटों खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ा। बैठने, पीने के पानी और छाया तक की व्यवस्था न होने से किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। नाराज किसानों ने इसे मानवीय अत्याचार बताते हुए आगामी किसान दिवस के पूर्ण बहिष्कार का एलान कर दिया।किसानों का आरोप था कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। किसान दिवस में अधिकांश महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी नदारद मिले, जिससे किसान भड़क उठे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि जिला कृषि अधिकारी, डीएचओ और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन प्रमुख विभागों के अधिकारियों की गैरमौजूदगी किसानों के गुस्से का कारण बनी।हंगामे की सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार के कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज किसानों को शांत कराया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। अव्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में किसान दिवस के दौरान किसानों के लिए बैठने, पानी और छाया की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ऋषि कुमार ने अधिकारियों को किसानों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार बिजली रोस्टर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग को कम करने की अपील की। साथ ही गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाकर ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक रवैये में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में किसान दिवस का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा और बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। ईएमएस/ नीरज चक्रपाणी/ 21 मई 2026