उल्हासनगर, (ईएमएस)। पाकिस्तान के सिंध स्थित संत सतराम धाम रहकी साहिब के आध्यात्मिक प्रमुख हजूरी रूप संत साईं साधराम साहिब के ब्रह्मलीन होने से देश-विदेश में बसे सिंधी समाज में गहरा शोक व्याप्त है। जानकारी के अनुसार 18 और 19 मई की दरमियानी रात सिंगापुर में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही भारत, पाकिस्तान, दुबई, सिंगापुर, हांगकांग समेत दुनिया भर में रहने वाले श्रद्धालुओं और सिंधी समाज के लोगों में दुख की लहर दौड़ गई। संत साईं साधराम साहिब को सिंधी समाज का आध्यात्मिक मार्गदर्शक माना जाता था और उन्होंने समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी कड़ी में मुंबई से सटे उल्हासनगर के कैंप दो स्थित संत सतराम धाम में गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और संत साईं साधराम साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए मुंडन भी कराया। इस दौरान विधायक कुमार आयलनी भी संत सतराम धाम पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रविवार को संत सतराम धाम में शोक सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर संत साईं साधराम साहिब को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। कुमार आयलानी ने कहा कि संत साईं साधराम साहिब ने पूरी दुनिया में सिंधी समाज को आध्यात्मिक मार्ग दिखाने का कार्य किया। उनके ब्रह्मलीन होने से समाज ने एक महान संत को खो दिया है। उन्होंने बताया कि साईं साधराम साहिब हमेशा अपने अनुयायियों को आशीर्वाद देते थे और दुनिया भर में फैले सिंधी समाज के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनते थे। संतोष झा- २१ मई/२०२६/ईएमएस