:: ब्रिक्स युवा उद्यमिता कार्य समूह की दो दिवसीय बैठक संपन्न; सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति :: :: डिजिटल नवाचार पर जोर; एआई, फिनटेक और ग्रीन बिजनेस से बदलेंगे वैश्विक हालात :: इंदौर (ईएमएस)। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के अंतर्गत इंदौर में आयोजित ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की दो दिवसीय बैठक गुरुवार को साझा सहयोग और नवाचार के संकल्प के साथ संपन्न हो गई। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया (वर्चुअल) और राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे की गरिमामयी मौजूदगी में हुए इस महामंथन में सदस्य देशों के बीच स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत वैश्विक इकोसिस्टम तैयार करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर पूर्ण सहमति बनी। युवा मामले मंत्रालय द्वारा आयोजित इस बैठक के समापन सत्र में डिजिटल नवाचार, टिकाऊ उद्यम और सामाजिक समावेशन पर आगे का ठोस रोडमैप तय किया गया, जो आने वाले समय में विकासशील देशों की आर्थिक नीतियों को नई दिशा देगा। :: विशेषाधिकार नहीं, हर युवा का अधिकार है उद्यमिता : नितेश कुमार मिश्रा समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा मामले विभाग के अपर सचिव नितेश कुमार मिश्रा ने समावेशी उद्यमशीलता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, उद्यमिता किसी वर्ग विशेष या कुछ चुनिंदा लोगों का विशेषाधिकार नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मौलिक अधिकार है, जिस तक हर युवा की पहुंच होनी चाहिए; चाहे उसकी भौगोलिक पृष्ठभूमि, जेंडर या सामाजिक स्थिति कुछ भी हो। मिश्रा ने सदस्य देशों की साझा चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि पूंजी की कमी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, मेंटरशिप और रेगुलेटरी सपोर्ट (नियामक बाधाएं) जैसी समस्याएं सभी ब्रिक्स देशों में एक समान हैं। इन साझा चिंताओं का स्थाई समाधान केवल नीतिगत सुधार, निरंतर संवाद और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से ही संभव है। :: स्थानीय नवाचार से वैश्विक प्रभाव; विशेष सत्रों में हुआ गंभीर विचार-विमर्श :: इस वर्ष की बैठक का मुख्य विषय “स्थानीय नवाचार से वैश्विक प्रभाव तक: युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए ब्रिक्स सहयोग” रहा। इसके तहत तीन मुख्य विषयगत सत्रों में गहन चर्चा हुई: डिजिटल नवाचार और तकनीक-आधारित उद्यमिता : इस सत्र में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस), फिनटेक और एग्रीटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में नई संभावनाओं को तलाशा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि और वित्तीय समावेशन में तकनीक की भूमिका ब्रिक्स देशों की जीडीपी को गति दे सकती है। समावेशी और सामाजिक उद्यमिता : इसके अंतर्गत समाज के अंतिम छोर पर मौजूद युवाओं और महिलाओं को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने के व्यावहारिक तरीकों पर विचार किया गया। हरित उद्यमिता : जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ व्यावसायिक मॉडलों को अपनाने पर बल दिया गया। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को व्यापार का मुख्य हिस्सा बनाने पर सहमति बनी। :: भारतीय स्टार्टअप्स की कार्यप्रणाली को समझने क्रिस्टल आईटी पार्क पहुंचे प्रतिनिधि :: बैठक के दूसरे दिन प्रतिनिधियों के लिए उद्यमिता क्षमता और नेतृत्व विकास पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इसके बाद, इंदौर के तेजी से बढ़ते तकनीकी विकास और स्टार्टअप हब के रूप में उभरती उसकी पहचान का व्यावहारिक अनुभव कराने के लिए विदेशी प्रतिनिधियों को क्रिस्टल आईटी पार्क का भ्रमण कराया गया। यहाँ प्रतिनिधियों ने भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और युवा उद्यमियों से सीधा संवाद किया और देखा कि कैसे स्थानीय स्तर पर विकसित तकनीक वैश्विक समस्याओं का प्रभावी समाधान कर रही है। :: मिलकर बनाएंगे साझा भविष्य : डॉ. सारा जयल सॉकमी समापन पर आयोजित विदाई सत्र में सभी विदेशी और भारतीय प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए युवा मामलों के विभाग की निदेशक डॉ. सारा जयल सॉकमी ने मध्य प्रदेश सरकार के अद्वितीय सहयोग की सराहना की। उन्होंने वैश्विक प्रतिनिधियों को प्रेरित करते हुए कहा: “आप यहाँ केवल अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करने नहीं आए हैं, बल्कि मिलकर एक साझा भविष्य का निर्माण करने आए हैं; और इसी एकजुट सोच से ही सब कुछ संभव हो पाया है।” यह बैठक ब्रिक्स देशों के युवाओं को गतिशील और भविष्य के लिए तैयार अर्थव्यवस्थाओं के मुख्य सूत्रधार के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। :: खास बातें :: मप्र की उपस्थिति : बैठक में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भी सहभागिता की और इंदौर की क्लीनेस्ट सिटी छवि व व्यापारिक क्षमता की सराहना की। प्रशासनिक नेतृत्व : युवा मामले विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल और उप सचिव राजेश कुमार कनौजिया सहित ब्रिक्स देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी सत्रों का नेतृत्व किया। नवाचार प्रदर्शनी : कार्यक्रम के शुभारंभ पर लगाई गई तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी पूरे समय आकर्षण का केंद्र रही। प्रकाश/21 मई 2026