,,,,शीघ्र निराकरण न होने पर बाबा विश्वनाथ की नगरी सिरोंज से भोपाल तक निकलेगी कांग्रेस की न्याय यात्रा- भगत प्रताप सिंह,,,,, सिरोंज (ईएमएस)। क्षेत्र के किसानों की ज्वलंत समस्याओं, फसल तुलाई में हो रही देरी और सोसायटियों द्वारा की जा रही जबरन ब्याज वसूली को लेकर पूर्व मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस महासचिव भगत प्रताप सिंह ने बुधवार को महामहिम राज्यपाल के नाम एक 5 सूत्रीय ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (SDM) सिरोंज को सौंपा। ज्ञापन में शासन-प्रशासन पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए शीघ्र राहत देने की मांग की गई है। पूर्व किसान कांग्रेस महासचिव भगत प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार और सहकारिता विभाग की गलत नीतियों के कारण इस समय अन्नदाता बेहद परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का निराकरण जल्द नहीं किया गया, तो वे कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सिरोंज के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बाबा विश्वनाथ की नगरी से एक विशाल पदयात्रा शुरू करेंगे। यह न्याय यात्रा विदिशा जिले के सभी पांचों विधानसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए सीधे भोपाल स्थित महामहिम राज्यपाल के निवास तक जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख 5 मांगें: 15 जून तक बढ़े कर्ज चुकाने की तारीख: सहकारी समितियों द्वारा 28 मार्च को ही ड्यू डेट घोषित कर 29 मार्च से किसानों को डिफाल्टर (ओवरड्यू) बना दिया गया है और उनसे ब्याज सहित वसूली की जा रही है। जबकि वर्तमान में गेहूं, चना और मसूर की तुलाई चल रही है। बेमौसम बारिश से वैसे ही उपज कम हुई है, इसलिए लोन की ड्यू डेट 15 जून की जाए और वसूला गया ब्याज वापस हो। मंडी और वेयरहाउसों में बड़े धर्मकांटों से हो तुलाई: तौल केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। खाद्य विभाग ने वेयरहाउस कंपनियों के बड़े धर्मकांटों को अनुबंधित किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूर छोटे कांटों से तुलाई कर रहे हैं। इससे किसानों का समय और श्रम बर्बाद हो रहा है और उन्हें 8 से 10 दिनों तक तौल केंद्रों पर भटकना पड़ रहा है। कलेक्टरों को आदेश जारी कर बड़े धर्मकांटों से तुलाई सुनिश्चित कराई जाए। सर्वेयरों की अवैध वसूली और भेदभाव पर लगे रोक: विदिशा जिले के उपभोक्ता अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते सर्वेयर किसानों की उपज को अमानक (रिजेक्ट) बताकर अवैध वसूली कर रहे हैं। साथ ही, सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में आम किसानों की तुलाई लेट कर रसूखदारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसकी उच्च स्तरीय जांच हो। 15 जून तक जारी रहे तुलाई: विदिशा जिले के बड़ी संख्या में किसान अभी भी तुलाई से वंचित हैं। जब तक सभी पंजीकृत किसानों का माल न तुल जाए, तब तक तुलाई बंद न की जाए और इसकी अंतिम तिथि 15 जून तय हो। बारदाने की कमी का बहाना बंद हो: तौल केंद्रों पर प्रशासन द्वारा बारदाने की कमी का हवाला देकर तुलाई रोक दी जाती है। किसानों का माल सीधे बड़े धर्मकांटे से तौलकर सीधे वेयरहाउस के अंदर खाली कराया जाए, ताकि किसानों के खून-पसीने की कमाई बर्बाद न हो। ईएमएस/सलमान खान/ 21 मई 2026