:: रेसीडेंसी कोठी में जुटे जनप्रतिनिधि और अफसर, जरूरत पड़ने पर निजी बोरिंग अधिग्रहित करने पर विचार :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में गहराते ग्रीष्मकालीन जल संकट और पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं इंदौर संभाग के प्रभारी अनुपम राजन और पीएचई विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर में सुचारु और पर्याप्त जलप्रदाय सुनिश्चित करने पर गहन मंथन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, गोलू शुक्ला, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित जलकार्य विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर की वास्तविक स्थिति को सामने रखते हुए बताया कि इंदौर की आबादी लगातार बढ़ रही है और नई कॉलोनियों का भी तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन उसके मुकाबले नर्मदा से मिलने वाले पानी की मात्रा में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके बावजूद नगर निगम अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रहा है, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों में शहर में 28 से अधिक नई पानी की टंकियों का निर्माण किया गया है और पिछले ही वर्ष 7 नई टंकियों को चालू कर जल वितरण व्यवस्था को सुधारा गया है। :: निजी बोरिंगों से भी लिया जाएगा पानी :: बैठक में शहर के जल वितरण नेटवर्क को और अधिक मजबूत और विस्तृत करने के लिए राज्य शासन से 50 करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग प्रमुखता से रखी गई। इस राशि से जल संकट वाले क्षेत्रों में नई पाइपलाइन और अन्य जरूरी संसाधन जुटाए जाएंगे। वहीं पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने एक महत्वपूर्ण विकल्प पर चर्चा करते हुए कहा कि आगामी दिनों में यदि आवश्यकता पड़ती है, तो आमजन को राहत देने के लिए शहर के निजी बोरिंगों से भी पानी उपलब्ध कराने की संभावनाओं और वैधानिक कदमों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्रकाश/21 मई 2026