राष्ट्रीय
22-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट के बीच दुनिया पर बड़े तेल संकट का खतरा मंडराने लगा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फ़ातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि जुलाई-अगस्त तक वैश्विक तेल बाजार “रेड ज़ोन” में पहुंच सकता है। उनका कहना है कि मध्य पूर्व से तेल सप्लाई बाधित रहने और गर्मियों में ईंधन मांग बढ़ने से हालात गंभीर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला तेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह मार्ग दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संकट लंबा चला तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा संकट के कारण वैश्विक बाजार से रोजाना लगभग 14 मिलियन बैरल तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है। इससे अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द समझौता नहीं हुआ तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। सुबोध/२२ -०५-२०२६