राज्य
23-May-2026


सोशल इंजीनियरिंग के सहारे कांग्रेस का जनाधार बढ़ाने पर फोकस भोपाल (ईएमएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मिशन 2028 को फतह करने के लिए सक्रिय हो गए है। दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में कांग्रेस को फिर से मजबूत आधार दिलाने के लिए नया राजनीतिक प्रयोग शुरू किया है। फिलहाल उनका फोकस पार्टी का जनाधार पढ़ाने पर है। इसके लिए उन्होंने सोशल इंजीनियरिंग को माध्यम बनाया है। अपने इस अभियान के तहत वे सभी जातीयों और धर्म के लोगों को साधेंगे और उन्हें कांग्रेस से जोड़ेंगे। इसकी शुरुआत ग्वालियर-चंबल अंचल से की गई है, जहां मुस्लिम अल्पसंख्यक और अनुसूचित वर्ग को एक मंच पर लाकर कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक को फिर से संगठित करने की कोशिश दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, जिस तरह 2018 में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस का जनाधार बढ़ाने के लिए नर्मदा परिक्रमा की थी, उसी तर्ज पर मिशन 2028 के मद्देनजर सोशल इंजीनियरिंग की राह पकड़े हुए हैं। इस कड़ी में पहला कार्यक्रम पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ला के सामाजिक संगठन मुहब्बत की दुकान के बैनर तले मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग का संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन ऐसे क्षेत्र में किया गया, जहां दोनों वर्गों की उल्लेखनीय आबादी है। प्रदेश में मुस्लिम मतदाता लंबे समय से भाजपा से दूरी बनाए हुए हैं, जबकि अनुसूचित वर्ग का एक बड़ा हिस्सा एट्रोसिटी एक्ट और अन्य मुद्दों के बाद भाजपा से असंतोष जताता रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में यही दोनों वर्ग कांग्रेस की पारंपरिक ताकत माने जाते रहे हैं। कांग्रेस के लिए नए चुनावी रोडमैप की शुरुआती पटकथा को लेकर भी माना जा रहा है कि दिग्विजय सिंह सामाजिक संगठनों की आड़ में प्रदेशभर में इसी तरह के सम्मेलन आयोजित कर भाजपा के खिलाफ नया राजनीतिक माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि मंच पर मौजूद मुस्लिम नेता इस गठजोड़ को लेकर ज्यादा आशान्वित नहीं हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस ने केवल मुस्लिम समाज को जेबी वोट बैंक समझा है। नाराज वर्गों पर कांग्रेस का फोकस पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का भले ही प्रदेश में वर्ष 2003 से पहले जैसा जनाधार नहीं बचा है। संगठन भी उन्हें चुनाव में मुख्य भूमिका की बजाय समन्वयक की भूमिका देकर किनारा कर लेती थी। इसके बाद भी वे अपने राजनीति के कौशल से राजनीति के केंद्र में रहते हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी ढाई वर्ष है। हाल ही पश्चिम-बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव हुए। कांग्रेस केवल केरल को छोडक़र चारों राज्यों में हासिये पर चली गई। केवल सात राज्यों को छोडक़र सभी राज्यों में भाजपा का परचम लहरा रहा है। पश्चिम-बंगाल में सरकार बनाने के बाद भाजपा आत्मविश्वास से लबरेज है। इन विपरीत राजनीतिक हालातों में कांग्रेस का जनाधार बढ़ाने के लिए कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा से नाराज चल रहे मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग का गठजोड़ वोट बैंक मिशन पर कार्य करना शुरू कर दिया है। विनोद/ 23 मई /2026