राज्य
25-May-2026


गया, (ईएमएस)। गया के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित पीपरपाती मोहल्ले में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूर्व सांसद और पूर्व विधायक रंजीत सिंह उर्फ़ रंग सिंह के आवासीय परिसर में छापेमारी कार्रवाई शुरू की जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। जानकारी के अनुसार ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में ड्रग विभाग, कोतवाली थाना पुलिस और अन्य विभागीय अधिकारियों की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने पूरे परिसर को चारों ओर से घेर लिया और अंदर मौजूद कमरों, स्टोर रूम तथा गोदामनुमा हिस्सों की गहन तलाशी शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान परिसर में किसी के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम को परिसर से भारी मात्रा में संदिग्ध और कथित रूप से नकली दवाएं मिली हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से बरामद दवाओं की आधिकारिक संख्या, कीमत या जब्त दवाओं के प्रकार की पुष्टि नहीं की गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। बताया जा रहा है कि विभाग को पिछले कुछ समय से परिसर में संदिग्ध तरीके से दवाओं के निर्माण, पैकेजिंग और भंडारण की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर ड्रग विभाग ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार सुबह टीम अचानक परिसर में पहुंची और बिना किसी पूर्व सूचना के जांच शुरू कर दी। छापेमारी की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पूरे दिन कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने परिसर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी और अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई। किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। मीडिया कर्मियों को भी परिसर के भीतर जाने से रोक दिया गया। अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया। हालांकि सूत्रों का दावा है कि टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और दवाओं से जुड़े पैकेट भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिसर में लंबे समय से गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन अंदर क्या काम होता था इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं थी। सोमवार को अचानक इतनी बड़ी कार्रवाई होने से लोग हैरान रह गए। कई लोगों ने इसे गया में अब तक की बड़ी दवा छापेमारी कार्रवाइयों में से एक बताया। फिलहाल पूरे मामले में ड्रग विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दवाओं के नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दवाएं नकली थीं या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। मामले में आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध दवा कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संतोष झा- २५ मई/२०२६/ईएमएस