राष्ट्रीय
25-May-2026


अपर्णा ने आनंदी बेन को बताया- अस्पताल से नहीं आते तो बच जाती जान लखनऊ,(ईएमएस)। यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बीजेपी नेता अपर्णा यादव के घर पहुंचकर उनके पति प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। अब राज्यपाल और अपर्णा यादव के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें अपर्णा ने प्रतीक की बीमारी और इलाज से जुड़ी अहम जानकारी साझा करती नजर आ रहीं हैं। अपर्णा ने राज्यपाल को बताया कि प्रतीक यादव को सर्जरी के बाद खून का थक्का बनने की समस्या हुई थी। उन्होंने कहा कि जिस डॉक्टर ने उनकी सर्जरी की थी, उसने बताया था कि कंप्रेशन गारमेंट पहनने की वजह से यह समस्या बढ़ी। बाद में मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के दौरान थ्रॉम्बोसिस डिटेक्ट किया और उन्हें तत्काल इलाज की सलाह दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक अपर्णा ने बताया कि ‘डॉक्टरों ने साफ कहा था कि शरीर में बन रहे क्लॉट को दवाओं से खत्म किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए समय और सावधानी जरूरी है। डॉक्टरों ने उन्हें पांच से सात दिन अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी थी, ताकि दवाओं का असर लगातार मॉनिटर किया जा सके। उनका कहना था कि तीन महीने तक नियमित दवा लेने से क्लॉट धीरे-धीरे गल सकता था। अपर्णा ने बताया कि प्रतीक अस्पताल में रुकना नहीं चाहते थे। वह बहुत जिद्दी थे। वह इलाज के बीच घर लौट आए और फिर सामान्य जीवन-शैली अपना ली। उन्होंने ऑफिस जाना शुरू कर दिया, दोस्तों से मिलते रहे और रोजमर्रा के काम भी करते रहे। अपर्णा ने कहा कि प्रतीक को लगता था कि वह नौजवान हैं, इसलिए जल्दी ठीक हो जाएंगे और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि 29 तारीख को जब वह एयरपोर्ट गई थीं, तभी प्रतीक का फोन आया था कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है। अपर्णा उन्हें अस्पताल ले जाना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने घर जाने की जिद की। बड़ी मुश्किल से उन्हें भर्ती कराया गया था, लेकिन एक मई को उन्होंने अस्पताल छोड़ दिया। अपर्णा ने यह भी बताया कि प्रतीक की आदत लंबे समय तक बैठे रहने की थी। डॉक्टरों के मुताबिक यह स्थिति भी ब्लड क्लॉट की समस्या को बढ़ाने वाली हो सकती है। बता दें 13 मई को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद प्रतीक का निधन हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खून का थक्का जमने को मौत की वजह बताया था। उनके निधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। सिराज/ईएमएस 25मई26