क्षेत्रीय
25-May-2026


रांची(ईएमएस)।झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग से विशेष निगरानी और सतर्कता बरतने की मांग की है। पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेज कर राज्यसभा चुनाव में भ्रष्टाचार, आर्थिक प्रलोभन और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने की अपील की है।झामुमो की ओर से भेजे गये पत्र में कहा गया है कि झारखंड विधानसभा में झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाकपा माले गठबंधन के कुल 56 विधायक हैं।जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, कांग्रेस के 16, राजद के चार तथा भाकपा (माले) के दो विधानसभा सदस्य, कुल 56 विधानसभा सदस्य हैं।पत्र में लिखा गया है कि झारखंड राज्य विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं तथा झारखंड राज्य से छह राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होते हैं, जो प्रत्येक दो वर्ष के अंतराल में एक तिहाई के रूप में निर्वाचित होते हैं।ऐसे में गठबंधन के दो राज्यसभा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है।पत्र में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा में भाजपा के पास पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद पार्टी द्वारा राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की घोषणा की गयी है।भाजपा के कुल 21 सदस्य ही हैं।परंतु नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु सार्वजनिक तौर पर यह घोषणा करते हैं कि प्रस्तावित अगामी 18 जून के राज्य सभा निर्वाचन में वे अपना उम्मीदवार उतारेंगे। इससे बड़े पैमाने पर विधायकों को आर्थिक प्रलोभन देने, बाहरी दबाव बनाने और भयादोहन की आशंका उत्पन्न हो रही है।झामुमो ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और भयमुक्त बनाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो,प्रवर्तन निदेशालय, राजस्व खुफिया निदेशालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सक्रिय और सतर्क रहने का निर्देश दिया जाये।पार्टी ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता बनाये रखने के लिए चुनाव आयोग को पूरे मामले पर विशेष नजर रखनी चाहिए। कर्मवीर सिंह/25मई/26