नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। क्लब की पूर्व सदस्य और व्हिसलब्लोअर निजी सप्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर क्लब प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। निजी सप्रा का आरोप है कि क्लब के भीतर एक “मनी मिंटिंग माफिया” सक्रिय है, जो नियमों का उल्लंघन कर करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन और ठेकों में गड़बड़ी कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि क्लब में सदस्यता, निर्माण कार्यों और ठेकों के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। याचिका में कहा गया है कि क्लब के कुछ प्रभावशाली सदस्य और अधिकारी मिलकर वित्तीय फैसले लेते हैं, जिससे आम सदस्यों के हित प्रभावित हो रहे हैं। निजी सप्रा ने अदालत से मामले की स्वतंत्र जांच कराने और वित्तीय रिकॉर्ड की ऑडिट करवाने की मांग की है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अदालत में यह भी कहा गया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सार्वजनिक हित और संस्थागत पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मामला हो सकता है। दिल्ली जिमखाना क्लब देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित क्लबों में गिना जाता है, जहां कई वरिष्ठ नौकरशाह, उद्योगपति और प्रभावशाली लोग सदस्य हैं। ऐसे में इस विवाद ने राजधानी के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर दिल्ली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई है। सुबोध/२५ -०५-२०२६